पटियाला, 1 अगस्त (न्यूज़ डेस्क):
पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लाई गई “लैंड पुलिंग स्कीम” के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने आज पटियाला में ज़ोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस धरने का नेतृत्व पंजाब कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं ने किया, जिसमें सैकड़ों किसान, कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।
बताया जा रहा है कि इस मौके पर 400 ट्रैक्टरों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक विशाल काफिला दुखनिवारण साहिब से चलता हुआ पुड्डा कार्यालय तक पहुँचा। इस काफिले में पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान मोहित महिंद्रा खुद ट्रैक्टर चलाकर शामिल हुए।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह स्कीम किसान-विरोधी है और इससे ज़मीनों पर कब्ज़ा जमाने की साज़िश की जा रही है। उनका कहना था कि “विकास” के नाम पर किसानों की ज़मीन को जबरदस्ती छीना जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
मोहित महिंद्रा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पंजाब कांग्रेस यूथ के प्रधान मोहित महिंद्रा ने अपने संबोधन में कहा, “ज़मीन किसान के लिए मां के समान होती है। उसकी ज़मीन छीन कर कोई भी सरकार किस तरह जनहित की बात कर सकती है?” उन्होंने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि यह सरकार पंजाब की कीमती ज़मीनों को पूंजीपतियों को बेचने की योजना बना चुकी है।
उन्होंने आगे कहा कि यह लैंड पुलिंग स्कीम दिल्ली मॉडल की तर्ज़ पर पंजाब में लाई जा रही है, जो पंजाब की जनता, खासकर किसानों के लिए खतरनाक साबित होगी। “इस योजना के अंतर्गत किसानों की ज़मीनें एकत्रित कर के वहां आवासीय और व्यापारिक प्रोजेक्ट बनाए जाने हैं, जिनमें किसानों की भलाई की कोई बात नहीं की गई है।”
महिलाओं और युवाओं ने भी दिखाई भागीदारी
धरने में विशेष रूप से महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे। उन्होंने अपने हाथों में प्लेकार्ड थाम रखे थे जिन पर लिखा था – “हमारी ज़मीन, हमारा हक”, “लैंड पुलिंग स्कीम रद्द करो”, और “किसान विरोधी सरकार हाय-हाय”।
मोहित महिंद्रा ने कहा कि अगर यह विवादित योजना थोपी गई तो पंजाब में एक नई तरह की तबाही आएगी, जिससे उबरना मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस स्कीम को तुरंत रद्द किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य स्तर पर बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।
पुलिस तैनाती और शांतिपूर्ण माहौल
धरने के चलते स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। पूरे मार्ग में पुलिस तैनात रही और ट्रैफिक को भी अन्य रास्तों पर मोड़ा गया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। हालांकि, भारी भीड़ के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं घटी और धरना शांतिपूर्ण रहा।
सरकारी प्रतिक्रिया का अब तक इंतज़ार
धरने के अंत में कांग्रेस नेताओं ने पंजाब के राज्यपाल को मांग पत्र भेज कर इस योजना को रद्द करवाने की अपील की। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से न तो इस धरने और न ही उठाई गई मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। लेकिन यह अनुमान ज़रूर लगाया जा रहा है कि इस स्कीम के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।
विकास या ज़मीन हड़पने की साजिश?
जहाँ सरकार इस स्कीम को विकास की दिशा में एक पहल बता रही है, वहीं विपक्षी पार्टियाँ और आम लोग इसे ज़मीन हड़पने की साज़िश करार दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी ज़्यादा गंभीर रूप ले सकता है।
फोटो कैप्शन:
- ट्रैक्टरों समेत कांग्रेसियों का काफिला दुखनिवारण साहिब से पुड्डा दफ्तर की ओर जाता हुआ।
- मोहित महिंद्रा धरने में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए।






