अंबाला, 6 फरवरी 2026: रेलवे ने ट्रेन परिचालन को अधिक सुरक्षित, सुचारु और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल के अंतर्गत आने वाले धूरी रेलवे स्टेशन यार्ड में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) सिग्नल प्रणाली को सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। इस परियोजना के शुरू होने से रेल संचालन की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही स्टेशन पर वर्षों पुरानी मैकेनिकल इंटरलॉकिंग प्रणाली को पूरी तरह से हटा दिया गया है। वर्तमान में इस रेलखंड पर कुल 22 ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जिनमें 18 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें तथा चार मालगाड़ियां शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई सिग्नल प्रणाली के बाद वंदे भारत और शताब्दी जैसी उच्च गति वाली ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।
प्रमुख विशेषताएं और तकनीकी बदलाव:
अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली के अंतर्गत धूरी स्टेशन यार्ड में 44 मुख्य सिग्नल और 32 शंट सिग्नल स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही 28 ट्रैक सर्किट और 23 एडवांस शंट सिग्नल भी लगाए गए हैं।
ब्लॉक सेक्शन में सुरक्षा बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली के लागू होने से मानवीय चूक की संभावना नगण्य रह जाएगी।
परियोजना के तहत कुल 611 रूट को कवर किया गया है। स्टेशन यार्ड में 91 टर्नआउट्स पर कार्य किया गया, जिनमें से 87 नए टर्नआउट्स स्थापित किए गए हैं। नई तकनीक से यार्ड की वहन क्षमता में बढ़ोतरी होगी और ट्रेनों के क्रॉसिंग तथा ठहराव में लगने वाला समय कम होगा।
इससे न केवल ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा, बल्कि यात्रियों को भी तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवा का लाभ मिलेगा। रेलवे प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।






