अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल
चंडीगढ़, 20 जनवरी, 2026 (मनोज वर्मा): पंजाब कांग्रेस में पदों के बंटवारे को लेकर आंतरिक कलह एक बार फिर सार्वजनिक हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद चरणजीत सिंह चन्नी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पार्टी के भीतर दलित नेताओं की अनदेखी किए जाने और सभी अहम पद ‘जाट सिख’ नेताओं को दिए जाने पर सवाल उठा रहे हैं।
“अगर सारे पद जाट सिखों के पास हैं, तो दलित कहां जाएं?”
Video:
यह वीडियो शनिवार को चंडीगढ़ में हुई कांग्रेस की एससी सेल (SC Cell) की बैठक का बताया जा रहा है। वीडियो में चन्नी भावुक और तीखे अंदाज में कहते नजर आ रहे हैं कि पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर केवल एक खास वर्ग का कब्जा है। उन्होंने सीधा सवाल उठाया कि यदि फैसले लेने वाली सभी कुर्सियां जाट सिख नेताओं के पास हैं, तो दलित समुदाय के नेताओं की भूमिका और पहचान क्या रह जाएगी?
कांग्रेस के भीतर हंगामा
चरणजीत सिंह चन्नी के इस बयान से पार्टी के अंदरूनी हलकों में भारी हलचल मच गई है।
चन्नी का दावा: दलितों को पार्टी में कोई महत्वपूर्ण या निर्णायक पद नहीं दिया गया।
सियासी मायने: राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चन्नी का यह बयान आगामी चुनावों से पहले दलित वोट बैंक को संगठित करने और पार्टी हाईकमान पर दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकता है।
खबर के मुख्य बिंदु:
विवादित वीडियो: चंडीगढ़ में हुई एससी सेल की बैठक के दौरान दिया गया बयान।
मुद्दा: पंजाब कांग्रेस में जातीय संतुलन और पदों का वितरण।
प्रतिक्रिया: जाट सिख बनाम दलित मुद्दे पर पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है।
संपादकीय टिप्पणी:
पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री रह चुके चरणजीत सिंह चन्नी का यह बयान कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, खासकर ऐसे समय में जब विपक्षी दल पहले से ही कांग्रेस पर गुटबाजी के आरोप लगा रहे हैं।






