सरकारी सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी पर जोर – वी.के. जंजुआ
सेवा केंद्रों पर सूचना बोर्ड लगाने और जनता को जागरूक करने के आदेश
पटियाला, 15 जनवरी 2026 : पंजाब पारदर्शिता एवं जवाबदेही आयोग के मुख्य आयुक्त श्री वी.के. जंजुआ ने आज जिला प्रशासन के साथ बैठक की। यह प्रशिक्षण उपायुक्त कार्यालय पटियाला, महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मैगसीपा) तथा सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया।
मुख्य आयुक्त ने कहा कि नागरिकों को सरकारी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना सरकारी कर्मचारियों का कर्तव्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. प्रीति यादव और अतिरिक्त उपायुक्त सिमरप्रीत कौर भी उपस्थित रहीं।
श्री वी.के. जंजुआ ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कार्य समयबद्ध और जिम्मेदारी के साथ करें। बैठक के दौरान बताया गया कि अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) द्वारा जिले के सभी विभागों से ड्राइविंग लाइसेंस, नक्शों तथा अन्य नागरिक सेवाओं से संबंधित डाटा एकत्र कर आयोग को भेजा जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि एडीसी (जनरल) द्वारा डाटा का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ही रिपोर्ट भेजी जाए।
बैठक में नगर पंचायतों, नगर परिषदों तथा विभिन्न विभागों के नामित अधिकारियों और अपीलीय प्राधिकरणों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान श्री जंजुआ ने जानकारी दी कि ‘ऑटो-अपील’ मॉड्यूल 19 जनवरी को लाइव कर दिया जाएगा।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ‘कनेक्ट पंजाब’ वेबसाइट पर उपलब्ध अपील मॉड्यूल के माध्यम से नागरिक उन मामलों में अपील दायर कर सकते हैं, जहां निर्धारित समय में सेवाएं प्रदान नहीं की जातीं। उन्होंने बताया कि आयोग अपनी अलग वेबसाइट विकसित करने की प्रक्रिया में है, जिससे नागरिक सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे और शिकायत निवारण के लिए सीधे आयोग से जुड़ सकेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि आयोग, सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से सेवाओं की डिलीवरी के लिए एक केंद्रीय डिजिटल पोर्टल विकसित कर रहा है। पहले चरण में फरवरी 2026 तक 50 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके अलावा 32 विभागों की 850 सेवाएं पहले ही शामिल की जा चुकी हैं।
मुख्य आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बिना उचित कारण आवेदन पर आपत्ति लगाना ‘पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी इन डिलीवरी ऑफ पब्लिक सर्विसेज एक्ट, 2018’ की धारा 6(1) और 6(2) के विपरीत है, जिसके अनुसार प्रत्येक पूर्ण आवेदन का निपटारा निर्धारित समय में करना या उचित कारणों सहित उसे अस्वीकृत करना अनिवार्य है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अपीलीय प्राधिकरण को 5,000 रुपये तक जुर्माना लगाने का अधिकार है। ऐसे मामलों की सख्ती से जांच की जाएगी और जहां बिना उचित कारण आपत्तियां लगाई गई होंगी, वहां अधिनियम की धारा 16(3) के तहत प्रति केस 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
मुख्य आयुक्त ने निर्देश दिए कि सेवा केंद्रों पर सूचना बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी मिल सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को ईमानदारी से कार्य करने के लिए जागरूक किया और चेतावनी दी कि जनता को परेशान करने, कार्य में लापरवाही बरतने या दुर्भावनापूर्ण तरीके से देरी करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पंजाब पारदर्शिता एवं जवाबदेही अधिनियम के प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर जशनप्रीत कौर गिल, आरटीओ बबनदीप सिंह वालिया, एसडीएम अशोक कुमार, नमन मरकन, सहायक आयुक्त नगर निगम दीपजोत कौर, मैगसीपा की सलाहकार मिस इमरोज टिवाना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






