लुधियाना, 23 जून 2026 : लुधियाना शहर के पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) कार्यालय में हॉट मिक्स प्लांट को लेकर आयोजित सुनवाई के दौरान स्थानीय निवासियों और शिकायतकर्ताओं (पीएसी) ने प्लांट के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। सुनवाई में प्रस्तुत पक्षों ने आरोप लगाया कि यह प्लांट पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में स्थापित किया गया है, जो शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
विरोधी पक्ष ने बोर्ड के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हॉट मिक्स प्लांट न केवल हरित क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि नगर निगम लुधियाना की सीमा के भीतर संचालित होने के कारण हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उनका कहना है कि प्लांट से निकलने वाला धुआं, धूल और अन्य प्रदूषक तत्व आसपास के निवासियों के लिए दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की कि हॉट मिक्स प्लांट का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही नगर निगम लुधियाना पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (एनवायरनमेंटल कम्पेनसेशन) लगाई जाए, ताकि नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पक्षों को जवाबदेह बनाया जा सके।
पीएसी ने यह भी मांग की कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी सीटीई (Consent to Establish) और सीटीओ (Consent to Operate) अनुमतियों को रद्द कर प्लांट की कानूनी मान्यता समाप्त की जाए। उनका कहना है कि ग्रीन बेल्ट किसी भी शहर के “फेफड़े” होते हैं और ऐसे क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
संगठन ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त नीतियां लागू करने और भविष्य में संवेदनशील एवं हरित क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर रोक लगाने की मांग भी की।
अब सभी की निगाहें पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आगामी फैसले पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बोर्ड स्थानीय लोगों की चिंताओं और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए क्या निर्णय लेता है तथा हॉट मिक्स प्लांट के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती है या नहीं।






