सरी (कनाडा), 11 जून: कनाडा के सरी शहर के क्रिसेंट बीच क्षेत्र में चार महीने पहले एक घर पर गोलीबारी और आगजनी के मामले में गिरफ्तार किए गए भारतीय मूल के तीन युवकों ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। दोष स्वीकार करने और पश्चाताप व्यक्त करने के कारण अदालत ने उन्हें सामान्य से कम सजा सुनाई है।
अदालत ने तनवीर सिंह (19) को पांच वर्ष की कैद, दयाजीत सिंह बिलिंग (21) को 27 महीने तथा हरजोत सिंह (21) को 25 महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह घटना फरवरी महीने में हुई थी। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों आरोपियों को घटनास्थल के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया था।
सुनवाई के दौरान तीनों युवकों ने अपने किए पर अफसोस जताते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार के अपराध से दूर रहने का भरोसा दिया। अदालत ने उनके अपराध स्वीकार करने और सहयोगात्मक रवैये को देखते हुए अधिकतम संभावित सजा के बजाय अपेक्षाकृत कम सजा सुनाई।
पंजाबी मूल के युवाओं पर बढ़ी निगरानी
कनाडा में हाल के वर्षों में पंजाबी मूल के कुछ युवकों के नाम रंगदारी, गैंगवार और फायरिंग जैसी घटनाओं में सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में सरी पुलिस सर्विस (एसपीएस) ने भारतीय मूल के सात युवकों की तस्वीरें सार्वजनिक की थीं, जिनमें इन तीनों की तस्वीरें भी शामिल थीं। इनमें अधिकांश युवक पंजाब से संबंधित बताए गए थे।
पुलिस के अनुसार ये युवक रंगदारी, हथियारों के इस्तेमाल और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में जांच के दायरे में रहे हैं। जारी सूची में हंसप्रीत सिंह, हर्षदीप सिंह, हरजोत सिंह, तनवीर सिंह, लवबीर सिंह, दयाजीत बिलिंग और प्रभजोत सिंह के नाम शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि इन व्यक्तियों की गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी कारण आम लोगों से जानकारी जुटाने के लिए उनकी तस्वीरें सार्वजनिक की गई थीं।
कुछ आरोपियों को किया गया डिपोर्ट
मामले में कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी (सीबीएसए) ने भी कार्रवाई करते हुए कुछ युवकों के खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया अपनाई। जानकारी के अनुसार लवबीर सिंह और प्रभजोत सिंह को कनाडा से बाहर भेजा जा चुका है।
इस मामले ने कनाडा में भारतीय और विशेष रूप से पंजाबी मूल के युवाओं की आपराधिक गतिविधियों को लेकर चल रही बहस को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।