काबुल/इस्लामाबाद, 25 नवंबर 2025:
पाकिस्तान ने सोमवार देर रात अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में जोरदार हवाई हमले किए, जिनमें भारी तबाही मची है। खोस्त प्रांत के मुगलगई इलाके में एक घर पर हुए हवाई हमले में 9 बच्चों और एक महिला की मौत हो गई। तालिबान सरकार ने इन हमलों को हाल ही में इस्तांबुल में हुए सीजफायर करार का खुला उल्लंघन बताया है। पाकिस्तान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
आधी रात में घर पर बरसे बम
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि रात करीब 12 बजे पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने मुगलगई क्षेत्र में एक रिहायशी मकान को निशाना बनाया। इस हमले में 5 लड़के, 4 लड़कियां और एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कुनार और पक्तिका में हुई बमबारी और तलाशी अभियान में 4 नागरिक घायल हुए हैं।
पेशावर आतंकी हमले के बाद की कार्रवाई?
हवाई हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान के पेशावर शहर में फ्रंटियर कांस्टेबुलरी मुख्यालय पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 3 कमांडो सहित 6 लोगों की मौत हुई थी। हमलावर चादर ओढ़कर आया था और चौकी पर पहुंचते ही खुद को उड़ा लिया। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने उसी घटना के प्रतिशोध में अफगान सीमा पार यह सैन्य कार्रवाई की।
TTP और डूरंड लाइन—तनाव की जड़
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव के दो बड़े कारण हैं—तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और विवादित डूरंड लाइन। पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान सरकार टीटीपी को सुरक्षित ठिकाने देती है और उन्हें पाकिस्तान में हमले की अनुमति देती है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अफगान तालिबान टीटीपी को आतंकवादी संगठन नहीं मानता बल्कि वैचारिक रूप से अपना सहयोगी समझता है, इसलिए वह उनके खिलाफ कार्रवाई से बचता है।
वहीं, ब्रिटिश काल में निर्धारित डूरंड लाइन को सीमा के दोनों ओर बसे पश्तून समुदाय ने कभी स्वीकार नहीं किया, जिससे सीमा विवाद लगातार बढ़ता गया है।
अफगानिस्तान में हुई इस ताजा बमबारी से दोनों पड़ोसी देशों के रिश्ते और अधिक तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है।






