पटियाला, 24 नवंबर:
नशा मुक्त भारत अभियान को और प्रभावशाली बनाने के लिए आज अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जे) सिमरप्रीत कौर की अगुवाई में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी जोबनदीप कौर द्वारा जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, पुलिस, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और नशा रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाइयों, प्राप्त परिणामों तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
सामाजिक सुरक्षा अधिकारी जोबनदीप कौर ने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक घर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों, सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों की सामूहिक कोशिशों से ही इस बुराई को जड़ों से समाप्त किया जा सकता है।
गाँव स्तर पर नशा मुक्ति समितियों को और मजबूत करने, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कैंप लगाने तथा युवाओं को रोजगार व खेलों की ओर प्रोत्साहित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशा मुक्त समाज की स्थापना के लिए दृढ़ निश्चय के साथ काम कर रही है और इस मिशन में सभी विभागों की सक्रिय भूमिका बेहद आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि नशा रोकथाम के लिए न केवल सरकारी, बल्कि सभी निजी स्कूलों में भी जागरूकता कैंप आयोजित करवाए जाएँ। इसके साथ ही स्कूलों के 100 मीटर के दायरे को तंबाकू-मुक्त क्षेत्र घोषित करके कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए। स्कूलों में नशा विरोधी लेक्चर, कैंप, पेंटिंग प्रतियोगिताएँ और स्लोगन राइटिंग जैसी गतिविधियाँ करवाने के निर्देश भी जारी किए गए।
सामाजिक सुरक्षा अधिकारी ने ज़ोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी और ड्रग इंस्पेक्टरों को कहा कि वे केमिस्ट दुकानों की नियमित जांच करते हुए नशा मुक्त भारत अभियान के नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, केमिस्ट एसोसिएशन के साथ बैठक करके उन्हें लागू नियमों और हिदायतों के बारे में जागरूक करवाने के लिए भी कहा गया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और कई संस्थाओं के एनजीओ प्रतिनिधि उपस्थित थे।






