दिनांक 11-05-2026 को सरकारी हाई स्कूल खेड़ी मुसलमानिया, पटियाला में “बिजली की बचत क्यों और कैसे करें” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा विद्यार्थियों को ऊर्जा बचत के बारे में जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के डी.एस.एम. कार्यालय से इंजीनियर शम्मी जिंदल अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता, इंजीनियर भूपिंदर सिंह ए.ई.ई., इंजीनियर गिरीश कुमार महाजन ए.ई., इंजीनियर अमरजीत सिंह ए.ए.ई. तथा इंजीनियर करमजीत सिंह ए.ए.ई. ने भाग लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बिजली के संयमित उपयोग हेतु विभिन्न विधियों और तकनीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विद्यार्थियों ने इन तरीकों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
पी.एस.पी.सी.एल. के डी.एस.एम. कार्यालय द्वारा विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण विषय से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए पहले ही प्रेरित किया गया था, ताकि विद्यार्थियों में ऊर्जा बचत के प्रति रुचि विकसित हो सके। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा ऊर्जा संरक्षण विषय पर पेपर प्रस्तुत किए गए तथा ऊर्जा बचत पर बनाई गई उनकी पेंटिंग्स भी सराहनीय रहीं।
इस अवसर पर स्कूल की अध्यापिका श्रीमती कोनिक गुप्ता ने मंच संचालन की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। श्रीमती पवनदीप कौर, श्रीमती मनदीप कौर तथा श्री विक्रमजीत सिंह (आर्ट एंड क्राफ्ट अध्यापक) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम से विद्यार्थियों को बिजली के उचित उपयोग संबंधी भरपूर जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि पी.एस.पी.सी.एल. को भविष्य में ऐसे कार्यक्रम अधिक से अधिक स्कूलों में आयोजित करने चाहिए ताकि विद्यार्थियों को बिजली बचत के प्रति और अधिक जागरूक किया जा सके।
अध्यापकों ने पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा आयोजित बिजली बचत संबंधी कार्यक्रम की भरपूर प्रशंसा की तथा उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रम अन्य स्कूलों में भी आयोजित किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पी.एस.पी.सी.एल. की डी.एस.एम. टीम द्वारा पुरस्कार स्वरूप ऊर्जा संरक्षण संबंधी स्लोगन वाली कॉपियां, पेन और मग वितरित किए गए। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को भी कॉपियां और पेन देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
अंत में स्कूल के समस्त अध्यापकों द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों का हृदय से धन्यवाद किया गया।






