पटियाला, 20 नवंबर :- नगर निगम पटियाला के कमिश्नर परमजीत सिंह, IAS ने शहर में कुछ कॉलोनाइज़रों द्वारा गलत तरीकों से प्लॉट काटकर बेचने और नियमों के उल्लंघन पर सख़्त रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब जनता के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या लूट को हरगिज़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कमिश्नर ने बताया कि उन्होंने बिल्डिंग शाखा और टाउन प्लानिंग शाखा को विशेष पत्र जारी करते हुए कहा है कि नई कॉलोनियों के ले–आउट पास होने के बाद उन्हें राजस्व (माल) विभाग में दर्ज न करवाना एक गंभीर और नियमों के विरुद्ध चल रही प्रथा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा पास किए गए हर ले–आउट को तुरंत माल विभाग में भेजना निगम का मूल दायित्व है, ताकि सड़कें, पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित भूमि सही सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो सके।
कमिश्नर ने चेतावनी देते हुए कहा कि ले–आउट का समय पर राजस्व विभाग में दर्ज न होने से आम नागरिकों के साथ धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है और इससे क्षेत्रीय प्लानिंग तथा शहरी विकास कार्य प्रभावित होते हैं। हाल ही में हुई जांच में यह बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसे गंभीरता से लिया गया है।
इसलिए, कमिश्नर द्वारा बिल्डिंग शाखा को आदेश दिया गया है कि 1 जनवरी 2024 के बाद पास हुई सभी कॉलोनियों के ले–आउट की स्वीकृत प्रतियां तुरंत डिप्टी कमिश्नर पटियाला को भेजी जाएँ, ताकि राजस्व विभाग में सड़कें, पार्क और पब्लिक यूटिलिटी से जुड़ी भूमि का सही इंद्राज दर्ज किया जा सके। इससे प्लानिंग रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति में अंतर नहीं रहेगा।
कमिश्नर ने यह भी निर्देश दिया कि यह पूरी प्रक्रिया एक माह के भीतर हर हाल में पूरी की जाए और इसकी पूर्ण रिपोर्ट नगर निगम को सौंपी जाए। उन्होंने बताया कि यह पत्र पटियाला के सभी टाउन प्लानर्स को भी भेजा जा चुका है, ताकि नियमों का पालन जल्द से जल्द सुनिश्चित हो सके।
कमिश्नर परमजीत सिंह ने कहा कि नगर निगम द्वारा जारी की गई ये सख़्त हिदायतें भविष्य में नई कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाने में एक मजबूत कदम साबित होंगी और इससे शहरी विकास प्रक्रिया में पारदर्शिता और भी बढ़ेगी।






