पटियाला, 21 अप्रैल, 2026: जगत गुरु नानक देव पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी (JGND PSOU), पटियाला में आज श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित “श्री गुरु रविदास जी का सामाजिक-दर्शनिक फलसफा: पुनर्विचार” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ। यह सेमिनार यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रतन सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया। उद्घाटन सत्र में प्रसिद्ध समाजसेवी और ‘सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट’ के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. एस.पी. सिंह ओबराय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह के दौरान आईडीसी चंडीगढ़ के प्रोफेसर एमेरिटस प्रो. (डॉ.) रौनकी राम, यूजीसी के जॉइंट सेक्रेटरी डॉ. गंभीर सिंह चौहान तथा सनी ओबराय विवेक सदन (फ्यूचरिस्टिक यूनिवर्सिटी), श्री आनंदपुर साहिब के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) सरबजिंदर सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रो. (डॉ.) रतन सिंह ने गुरु रविदास जी के समानता आधारित समाज ‘बेगमपुरा’ के सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अकादमिक संवाद के माध्यम से सामाजिक समानता और मानवीय सम्मान के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. एस.पी. सिंह ओबराय ने गुरु साहिब के दर्शन में मानवता के महत्व पर विचार व्यक्त किए और विश्वविद्यालय के प्रयासों से प्रभावित होकर 51 लाख रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की।
प्रो. (डॉ.) सरबजिंदर सिंह ने गुरु नानक देव जी और गुरु रविदास जी के आध्यात्मिक संदेशों की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। डॉ. गंभीर सिंह चौहान ने नैतिक समाज के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जबकि प्रो. (डॉ.) रौनकी राम ने गुरु रविदास जी के ‘किरत’ के सिद्धांत को एक न्यायपूर्ण समाज की नींव बताया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) बलजीत सिंह खहिरा ने स्वागत भाषण दिया और सेमिनार की संयोजक डॉ. शैफाली बेदी ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों के समाधान में गुरु साहिब के विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा की। इस अवसर पर डॉ. प्रेरणा सिंह की पुस्तक ‘The Unheard Voices: Children in Need of Care and Protection’ का विमोचन किया गया और विश्वविद्यालय की नई वेबसाइट भी लॉन्च की गई। अंत में एसोसिएट डीन डॉ. अमितोज सिंह ने सभी का धन्यवाद किया, जबकि मंच संचालन डॉ. कविता सहारन ने किया।






