पटियाला, 16 नवंबर (जगदेव रंचना):
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध चित्रकार ग़ोबिंदर सोहल के परिवार से मुलाकात कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। शुक्रवार को 68 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।
स्पीकर संधवां उनके पटियाला स्थित निवास पर पहुंचे और उनकी पत्नी सीमा सोहल, पुत्र अंगद सोहल, बेटी सीरत सोहल तथा अन्य परिजनों के दुख में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि पंजाब ने एक अनमोल कलात्मक रत्न खो दिया है, जिसका योगदान कला की दुनिया में सदैव याद रखा जाएगा।
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस असीम पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करने के लिए अरदास भी की।
एक महान कलाकार की विरासत
स्पीकर संधवां ने बताया कि ग़ोबिंदर सोहल ने नॉर्वे स्थित ओस्लो विश्वविद्यालय से ललित कला में डिग्री हासिल की थी। अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने पंजाब का नाम विश्व पटल पर रोशन किया। उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले, जिनमें
* पंजाब राज्य पुरस्कार
* फख़र-ए-कौम
* राष्ट्रीय पुरस्कार (गोवा)
* अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार (नॉर्वे)
* पटियाला रत्न, पंजाब रत्न, कला रत्न
* लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड
शामिल हैं।
अमर चित्रों की धरोहर
ग़ोबिंदर सोहल की कई अमर कृतियाँ कला प्रेमियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ चुकी हैं। इनमें शामिल हैं—
* भगत सिंह द्वारा ब्रिटिश अफसर की प्रतीक्षा
* माता गुजरी जी छोटे साहिबज़ादों के साथ
* भाई घनय्या
* मिल्खा सिंह
* मेजर ध्यानचंद
* दुर्गा माता
* और अन्य कई ऐतिहासिक व धार्मिक चित्र
उनकी कलाकृतियाँ न केवल पंजाब, बल्कि नार्वे, कनाडा, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, ग्वालियर, खडूर साहिब, नानक दरबार के प्रमुख संग्रहालयों और गुरुद्वारों में भी सजी हुई हैं।
उनका एक बेहद अनोखा चित्र नॉर्वे के राजा को एक पंजाबी राजे के रूप में दर्शाता है, जो राजा के निजी संग्रहालय को सुशोभित कर रहा है।
अंतिम अरदास में उमड़ी भीड़
शनिवार को गांव बारन स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा जय सिंह खलकट में ग़ोबिंदर सोहल के सम्मान में अंतिम अरदास और श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित हुए।
इस मौके पर पूर्व डीपीआरओ उजागर सिंह, पीए मनिंदर सिंह सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे और महान कलाकार को अंतिम नमन किया।






