पटियाला/तरणतारण, 15 नवंबर (राजेश कुमार): तरणतारण उपचुनाव के नतीजों ने पंजाब की राजनीति में 2027 की तस्वीर को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अकाली दल के नेताओं के बयानों ने राजनीतिक माहौल को और भी गर्म कर दिया है।
तरणतारण नतीजे अकाली दल के पक्ष में संकेत: कबीर दास
शिअद के जनरल सचिव और हल्का शुत्राणा इंचार्ज कबीर दास ने दावा किया कि तरणतारण उपचुनाव के नतीजे साफ बताते हैं कि 2027 में पंजाब में सरकार अकाली दल की ही बनेगी।
उन्होंने कहा कि तरणतारण के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता का रुझान मूल रूप से अकाली दल के साथ है और आने वाले समय में यह समर्थन और मजबूत होगा।
कबीर दास का कहना था कि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की रणनीति ने मौजूदा सरकार को हिला कर रख दिया है।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि एक SSP को चुनाव के दौरान सस्पेंड किया गया, जो चुनावी हालातों के तनावपूर्ण होने की पुष्टि करता है।
हालांकि अकाली दल दूसरे स्थान पर रहा, लेकिन पूरे चुनाव में जनता का रुझान अकाली दल के पक्ष में दिखाई दिया, जो 2027 के लिए बड़ा संकेत है।
“धक्केशाही के बावजूद जनता ने डाली वोट” — अमरिंदर सिंह बजाज
शिअद पटियाला शहरी के इंचार्ज और पूर्व मेयर अमरिंदर सिंह बजाज ने भी तरणतारण के नतीजों को ऐतिहासिक बताया।
उन्होंने कहा कि अकाली दल की मेहनत और जनसम्पर्क ने वोटरों को हिम्मत दी, जिसके चलते उन्होंने “सरकार की धक्केशाही के बावजूद” मतदान किया और सच का साथ दिया।
बजाज ने तीखे शब्दों में कहा कि जो लोग अकाली दल को निशाना बनाते थे, तरणतारण का परिणाम उनके लिए बड़ा सबक है।
उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव निष्पक्ष होते तो अकाली उम्मीदवार भारी मतों से जीत दर्ज करता।
बजाज ने कहा, “अकाली दल पंजाब की मां पार्टी है और यह सच्चाई अब फिर से सामने आ रही है।”






