ऑकलैंड 16 फरवरी 2026 : ऑकलैंड से आई खबर के मुताबिक न्यूजीलैंड की लेबर पार्टी ने नेशनल सरकार को भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करने से पहले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाने की सलाह दी है।
लेबर नेता क्रिस हिपकिंस ने प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को पत्र लिखकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड आने वाले छात्रों के लिए मान्यता प्राप्त और वैध शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में ही दाखिला अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि देश की शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता बनी रहे।
हिपकिंस ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक एजेंडा पूरा करने के लिए समझौते पर समय सीमा तय कर बातचीत की प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। लेबर पार्टी ने अगले 15 वर्षों में भारत में 33 बिलियन डॉलर के निजी निवेश के अनुमान पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह निवेश पूरा नहीं हुआ तो भारत न्यूजीलैंड के सेब, शहद और कीवीफ्रूट सेक्टर के लिए बाजार पहुंच को सीमित कर सकता है।
हालांकि पार्टी ने 1667 अस्थायी रोजगार वीजा और प्रवासी परिवारों को साथ लाने के अधिकार पर कोई आपत्ति नहीं जताई है, लेकिन मजदूरों के शोषण को लेकर चिंता व्यक्त की है। हिपकिंस ने मांग की कि मजदूरों की सुरक्षा के लिए ‘कंप्लायंस अधिकारियों’ की संख्या बढ़ाई जाए और वर्क वीजा को व्यक्तिगत नियोक्ताओं से अलग किया जाए, ताकि मजदूर दबाव में काम करने को मजबूर न हों।
इसके अलावा आधुनिक गुलामी के खिलाफ कानूनों को और मजबूत बनाने की भी अपील की गई है, ताकि प्रवासी मजदूरों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






