मोहाली, 5 नवंबर (छतरपाल सिंह) — पंजाब के इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट को राज्य की जनता को समर्पित करते हुए कहा कि यह डैम माजा क्षेत्र के लिए जीवन रेखा साबित होगा। इस परियोजना से राज्य को बिजली उत्पादन, सिंचाई और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊर्जा प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि ₹3394.49 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में पंजाब का योगदान 80 प्रतिशत है, जबकि केंद्र सरकार का योगदान मात्र 20 प्रतिशत है। यह डैम पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर जिलों के हजारों किसानों के खेतों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराएगा।
इस परियोजना के तहत कुल 3171.72 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें से 1643.77 एकड़ पंजाब की और 1527.95 एकड़ जम्मू-कश्मीर की है। डैम से पंजाब के 5000 हेक्टेयर और जम्मू-कश्मीर के 32,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
शाहपुर कंडी डैम पर 206 मेगावाट क्षमता के दो पावर हाउस बनाए जा रहे हैं, जिनका 75% कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना मार्च 2026 तक पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगी, जिससे राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डैम से बनी झील को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि शाहपुर कंडी डैम सिर्फ बिजली और पानी का स्रोत नहीं, बल्कि पंजाब के आर्थिक और सामाजिक विकास की नई शुरुआत है।






