पिथौरागढ़, 16 मार्च 2026: उत्तराखंड की प्रसिद्ध आदि कैलाश यात्रा इस वर्ष 8 मई से शुरू होने जा रही है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) द्वारा आयोजित इस यात्रा को इस बार तीन अलग-अलग स्थानों से संचालित किया जाएगा। श्रद्धालु हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से यात्रा में शामिल हो सकेंगे। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह यात्रा आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा अनुभव प्रदान करती है।
केएमवीएन के जनरल मैनेजर विनीत तोमर ने बताया कि पहली यात्रा 8 मई को हल्द्वानी से शुरू होगी। इस यात्रा की अवधि आठ दिन की होगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पिथौरागढ़, धारचूला, ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन कराए जाएंगे। वापसी के दौरान श्रद्धालु चाकौरी, पाताल भुवनेश्वर, गंगोलीहाट, जागेश्वर, अल्मोड़ा, कैंची धाम और भीमताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचेंगे।
टनकपुर से दूसरी यात्रा 9 मई को शुरू होगी, जो छह दिन तक चलेगी। यह मार्ग श्रद्धालुओं को सीधे आदि कैलाश तक ले जाएगा। वहीं धारचूला से तीसरी यात्रा 10 मई को शुरू की जाएगी। इस वर्ष कुल 15 टीमों के माध्यम से यात्रियों को यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
केएमवीएन के अनुसार यात्रा के दौरान यात्रियों को ठहरने, भोजन, स्थानीय परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु केएमवीएन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
आदि कैलाश यात्रा के लिए अलग-अलग स्थानों से किराया निर्धारित किया गया है। हल्द्वानी से यात्रा का किराया लगभग 45,000 रुपये, टनकपुर से 42,000 रुपये और धारचूला से लगभग 35,000 रुपये रखा गया है। इस किराये में आवास, भोजन और स्थानीय परिवहन शामिल होगा।
इस साल यात्रा को बेहतर और सुविधाजनक बनाने के लिए तीन अलग-अलग स्थानों से शुरू करने की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में भाग ले सकें।






