तेहरान, 8 मार्च 2026 : ईरान में जारी सैन्य संघर्ष के बीच मानवीय संकट गहराता जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार हिंसा शुरू होने के बाद अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 1 लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। राहत एजेंसियों के अनुसार बड़ी संख्या में विस्थापित लोगों को तत्काल सहायता की जरूरत है।
इस बीच इजराइल रक्षा बल ने दावा किया है कि इजरायली वायु सेना ने राजधानी तेहरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़े कई ईंधन भंडारण ठिकानों पर लक्षित हवाई हमले किए हैं। सेना का कहना है कि इन हमलों से ईरान के सैन्य ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है।उधर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल क्षमता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने स्कूल पर बमबारी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह हमला ईरान की ही ओर से हुआ हो सकता है।
हालांकि, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने संकेत दिया कि ईरान के साथ समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है। इस बढ़ते तनाव पर यूनाइटेड किंगडम के सांसद टॉम टुगेनहाट ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष का असर ऊर्जा कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद यह संघर्ष और तेज हो गया, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में कई देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।






