चंडीगढ़, 8 मार्च 2026। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब विधान सभा में वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,60,437 करोड़ का बजट पेश किया। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट “माओं और बेटियों को समर्पित” है और सरकार की गारंटियों को पूरा करने वाला बजट है।
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत अधिक है।
महिलाओं के लिए नई योजना का ऐलान
बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर बड़ा ऐलान किया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि Bhagwant Mann सरकार “मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना” शुरू कर रही है। इस योजना के तहत राज्य की सभी वयस्क महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी।
योजना के अनुसार सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 प्रति माह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 प्रति माह दिए जाएंगे।
18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं होंगी पात्र
सरकार के अनुसार 18 वर्ष से अधिक आयु की लगभग सभी महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी। केवल वर्तमान या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा या पूर्व सांसद/विधायक तथा आयकर भरने वाली महिलाएं इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं—जैसे बुजुर्ग पेंशन, विधवा/बेसहारा महिला पेंशन या दिव्यांग पेंशन—का लाभ ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र रहेंगी।
97 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा लाभ
सरकार का दावा है कि राज्य की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, जो देश के किसी भी राज्य में सबसे अधिक होगा।
इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ₹9,300 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, घरेलू निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ाना और उनके स्वास्थ्य व पोषण के स्तर में सुधार करना है।
राज्य सरकार के अनुसार इस पहल से छात्राओं, नौकरी की तैयारी कर रही युवतियों और बुजुर्ग महिलाओं को अपने निजी खर्चों के लिए आर्थिक सहायता मिल सकेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।






