मोजतबा खामेनेई संभाल सकते हैं कमान
तेहरान/वॉशिंगटन: 01 मार्च 2026; पश्चिमी एशिया (मिडल ईस्ट) इस समय इतिहास के सबसे भीषण तनाव के दौर से गुजर रहा है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय सूत्रों के अनुसार, इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सिलसिलेवार हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत हो गई है। इस खबर ने न केवल खाड़ी देशों बल्कि पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है।
भीषण हमलों से दहला ईरान
हाल के दिनों में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों, मिसाइल केंद्रों और नेतृत्व के आवासों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत भारी बमबारी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान स्थित खामेनेई के परिसर पर हुए सटीक हमले में उनकी जान चली गई। ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई में सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागी गई हैं, जिससे यह संघर्ष अब एक पूर्ण युद्ध में तब्दील होता दिख रहा है।
मोजतबा खामेनेई: नए उत्तराधिकारी की चर्चा
खामेनेई की मृत्यु की खबरों के बीच, यह चर्चा तेज है कि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को सत्ता की बागडोर सौंपी गई है।
- पृष्ठभूमि: मोजतबा का जन्म 1969 में मशहद में हुआ था।
- शिक्षा: उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद इस्लामी धर्मशास्त्र (Islamic Theology) की गहन पढ़ाई की।
- धार्मिक कद: मोजतबा ने पवित्र शहर कोम (Qom) में रहकर अपनी धार्मिक शिक्षा पूरी की और खुद को एक कड़क धार्मिक नेता के रूप में स्थापित किया। उन्हें अपने पिता का सबसे भरोसेमंद सलाहकार माना जाता रहा है।
अहमद वाहिदी को सैन्य कमान
बदलते घटनाक्रम के बीच, सैन्य मोर्चे पर अहमद वाहिदी (Ahmad Vahidi) को नया कमांडर-इन-चीफ घोषित किए जाने की खबरें हैं। वाहिदी को रक्षा और रणनीतिक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। ईरान के सामने इस समय दोहरी चुनौती है: एक तरफ नेतृत्व का संकट और दूसरी तरफ अमेरिका-इजरायल जैसी महाशक्तियों के साथ सीधा सैन्य टकराव।
वैश्विक प्रभाव
इस घटना के बाद वैश्विक तेल बाज़ारों में अस्थिरता पैदा हो गई है और खाड़ी देशों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें तेहरान के अगले आधिकारिक बयान और वॉशिंगटन की अगली सैन्य रणनीति पर टिकी हैं।






