बरनाला (पंजाब), 28 फरवरी 2026: राहुल गांधी ने आज बरनाला के अनाज मंडी में आयोजित ‘किसान-मजदूर’ रैली को संबोधित करते हुए पंजाब कांग्रेस के गुटों में बंटी राज्य इकाई को कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि अब पार्टी में अनुशासनहीनता और व्यक्तिगत अहंकार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपने संबोधन में कांग्रेस नेता ने राज्य नेतृत्व को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि सभी नेता टीम के रूप में काम करें, अन्यथा दूसरों के लिए जगह छोड़ दें। उन्होंने कहा, “कोई भी नेता, चाहे वह खुद को कितना भी बड़ा क्यों न समझता हो, पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता।”
व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा पर पार्टी हित को रखें प्राथमिकता
राहुल गांधी ने उन नेताओं पर निशाना साधा जो पार्टी हित से ऊपर अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को रखते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो नेता मिलकर काम नहीं करेंगे, उन्हें किनारे किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब अकेले लड़ाई लड़ने का समय नहीं है और आने वाले चुनावों में जीत केवल एकजुटता से ही संभव है।
एकजुटता से ही संभव है जीत
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी
को हराने के लिए कांग्रेस को एकजुट होकर मैदान में उतरना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब जैसे राज्य में कोई भी एक नेता अकेले चुनाव नहीं जीत सकता, बल्कि इसके लिए हर कार्यकर्ता और नेता की संयुक्त मेहनत जरूरी है।
किसानों और मजदूरों के मुद्दों पर केंद्र सरकार पर हमला
आंतरिक एकता के मुद्दे के साथ-साथ राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर करना पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकता है।
2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी का आगाज
यह रैली अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में आयोजित की गई थी और इसे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में कांग्रेस के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने बरनाला जैसे किसान आंदोलन के मजबूत गढ़ को चुनकर मालवा क्षेत्र में अपने प्रभाव को और मजबूत करने का संकेत दिया है।






