पंजाब सखी शक्ति क्राफ्ट मेले में आने वाले दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने शीश महल संग्रहालय की प्राचीन वस्तुएं
पंजाब की विरासत को संजोने के लिए पंजाब सरकार के अहम प्रयास – डी.सी.
पटियाला, 25 फरवरी, 2026: पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग ने यहां शीश महल और किला मुबारक में बंद पड़े संग्रहालय आम जनता के दर्शन के लिए खोल दिए हैं। जहां किला मुबारक के दरबार हॉल स्थित संग्रहालय में रखी प्राचीन वस्तुओं को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं, वहीं पंजाब सखी शक्ति क्राफ्ट मेले के दौरान नवीनीकरण के बाद खोले गए शीश महल संग्रहालय को देखने के लिए भी लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
यह जानकारी देते हुए पटियाला के डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार विभाग के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद की अगुवाई में पंजाब सरकार राज्य की विरासत को सहेजने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पटियाला की ऐतिहासिक इमारतों किला मुबारक और शीश महल में पटियाला विरासती मेले के दौरान ये दोनों संग्रहालय आम जनता के लिए खोल दिए गए हैं।
शीश महल में खोले गए संग्रहालय को चार भागों में विभाजित किया गया है। पहला भाग चीनी कला गैलरी है, जहां पॉटरी, बुद्ध तथा अन्य धर्मों से संबंधित तस्वीरें और अन्य सामग्री प्रदर्शित की गई है। दूसरा भाग महान हस्तियों की मूर्तियों की गैलरी है, जिसमें पटियाला रियासत सहित अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों की पत्थर से तराशी गई प्रतिमाएं प्रदर्शित हैं।
तीसरी गैलरी पोर्ट्रेट और कोलाज गैलरी है, जहां विभिन्न प्रकार की पेंटिंग्स और कोलाज प्रदर्शित हैं। चौथी गैलरी प्राचीन मूर्तिकला गैलरी है, जिसमें प्राचीन मूर्तियां और अन्य ऐतिहासिक सामग्री रखी गई है। पंजाब सखी शक्ति क्राफ्ट मेले में आने वाले दर्शक बड़ी संख्या में इस संग्रहालय को देखने पहुंच रहे हैं। दर्शकों ने खुशी जताई कि पंजाब सरकार ने इन संग्रहालयों को खोलकर पटियाला वासियों को एक बड़ा उपहार दिया है।
इसी तरह किला मुबारक के दरबार हॉल में खोले गए संग्रहालय के बारे में विभाग की कार्यकारी सहायक मैडम शिरीन ने बताया कि यहां भी महत्वपूर्ण प्राचीन वस्तुएं प्रदर्शित हैं। इस संग्रहालय को दो भागों में विभाजित किया गया है—एक प्राचीन वस्तु गैलरी और दूसरी प्राचीन हथियार (आर्म्स एंड आर्मर) गैलरी। यहां प्राचीन झाड़ फानूस (चैंडेलियर), एक म्यान में दो तलवारें, गुरु गोबिंद सिंह जी की मूल तस्वीर, कटार, म्यूरल पेंटिंग्स, प्रारंभिक लॉन्च की गई इटाला और फिएट कारें, कोलकाता में निर्मित चांदी की बग्घी, ड्रेसिंग टेबल आदि दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
वरजीत वालिया ने कहा कि पटियालावासियों के लिए यह गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के तहत ये दोनों लंबे समय से बंद संग्रहालय आम जनता के लिए खोल दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन ऐतिहासिक स्थलों का अवश्य भ्रमण करें और अपनी समृद्ध विरासत का दर्शन करें। उन्होंने कहा कि यह समस्त धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित कर ली गई है।
फोटो कैप्शन: शीश महल में चल रहे पंजाब सखी शक्ति मेले के दौरान जनता के लिए खोले गए संग्रहालय की बाहरी तस्वीर।
किला मुबारक के दरबार हॉल में खोले गए संग्रहालय की बाहरी तस्वीर।






