बठिंडा, 24 फरवरी 2026: भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में आज बठिंडा की अदालत में होने वाली सुनवाई टल गई है। शहर में वकीलों की चल रही राज्य स्तरीय हड़ताल के कारण कोर्ट की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी, जिसके चलते अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को निर्धारित की गई है।
मामले की मुख्य बातें:
- सुनवाई टलने का कारण: बठिंडा में वकीलों की हड़ताल के कारण कानूनी प्रक्रिया बाधित हुई।
- अगली तारीख: अदालत ने अब 10 मार्च 2026 को अगली सुनवाई तय की है।
- पासपोर्ट सरेंडर की मांग: बेबे महिंदर कौर के वकील रघबीर सिंह वहणीवाल ने अदालत में आवेदन दिया है कि कंगना रनौत का पासपोर्ट सरेंडर करवाया जाए। उन्होंने दलील दी कि शिकायतकर्ता महिंदर कौर की उम्र काफी अधिक हो चुकी है और उन्हें बार-बार कोर्ट आने में शारीरिक कठिनाई होती है।
“समझौता मंजूर नहीं”: लाभ सिंह
बेबे महिंदर कौर के पति लाभ सिंह ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि वे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने बताया:
“मुझे विदेश से भी फोन आ रहे हैं कि मैं इस मामले में समझौता (राजीनामा) कर लूं। लेकिन मुझे सिर्फ कोर्ट और भगवान का फैसला ही मंजूर होगा। इस उम्र में अदालतों के चक्कर काटना मुश्किल जरूर है, पर अगर कंगना हमारे घर भी आती हैं, तो भी हम उन्हें माफ नहीं करेंगे।”
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला साल 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान का है, जब कंगना रनौत ने एक ट्वीट में बुजुर्ग किसान महिंदर कौर की फोटो साझा करते हुए उन्हें शाहीन बाग वाली ‘दादी’ (बिल्किस बानो) समझ लिया था। कंगना ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि ऐसी महिलाएं 100-100 रुपये के लिए प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए उपलब्ध रहती हैं। इसी अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ महिंदर कौर ने जनवरी 2021 में मानहानि का केस दर्ज कराया था।






