नई दिल्ली 22 फरवरी 2026: देश की राजधानी के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित AI Impact Summit में इस बार किसी बड़ी टेक कंपनी के सीईओ नहीं, बल्कि 8 साल के एक नन्हे कीनोट स्पीकर रणवीर सिंह सचदेवा ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। दुनिया भर से आए दिग्गज तकनीक विशेषज्ञों के बीच जब इस बच्चे ने मंच संभाला, तो हर कोई दंग रह गया।
कौन हैं रणवीर सिंह सचदेवा?
2017 में जन्मे रणवीर सिंह सचदेवा मात्र 8 साल की उम्र में एक ‘चाइल्ड प्रॉडिजी’, टेक्नोलॉजिस्ट और वैश्विक लेखक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी उपलब्धियां किसी चमत्कार से कम नहीं हैं:
सबसे युवा प्रोग्रामर: साल 2023 में महज 5 साल की उम्र में वह एप्पल स्विफ्ट प्रोग्रामर
- बनने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के प्रोग्रामर बने।
- टिम कुक का बुलावा: उनकी प्रतिभा को देखते हुए एप्पल के सीईओ टिम कुक ने उन्हें कैलिफोर्निया स्थित मुख्यालय में ‘WWDC’ इवेंट के लिए आमंत्रित किया था।
- यूएन में भागीदारी: सितंबर 2024 में वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में भाग लेने वाले सबसे कम उम्र के प्रतिभागियों में शामिल थे।
समिट में साझा किए गंभीर विचार
इस सम्मेलन के दौरान रणवीर ने केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि प्राचीन भारतीय दर्शन और आधुनिक तकनीक के मेल पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने ‘इंडियन AI मॉडल’ और भारत में ‘AI साक्षरता’ जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से बात की।
बड़ा दावा: रणवीर ने दावा किया कि उनके द्वारा विकसित किया गया AI मॉडल भारत की GDP को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
हुनर उम्र का मोहताज नहीं
AI Impact Summit में रणवीर सचदेवा की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। यदि हौसला और जज्बा हो, तो दुनिया का कोई भी मंच छोटा पड़ जाता है। इस नन्हे टेक्नोलॉजिस्ट ने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया को अपनी काबिलियत से प्रेरित किया है।






