नई दिल्ली, 17 फरवरी 2026: योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक स्वामी रामदेव ने अपनी पहचान और प्रचार अधिकारों के कथित दुरुपयोग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार डीपफेक वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री के माध्यम से उनकी छवि का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
मामले की सुनवाई मंगलवार को न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान रामदेव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने कहा कि योग शिविरों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए वर्षों में बनी उनकी पहचान, नाम, आवाज और व्यक्तित्व का बिना अनुमति व्यापक रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है।
याचिका में दावा किया गया है कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा एआई-जनित डीपफेक वीडियो, एडिटेड तस्वीरें, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और मनगढ़ंत विज्ञापनों के जरिए लोगों को गुमराह कर आर्थिक लाभ उठाया जा रहा है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया है कि वे आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री की विस्तृत सूची पेश करें। मामले की अगली सुनवाई कल के लिए निर्धारित की गई है।






