नई दिल्ली, 16 फरवरी 2026 : नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान विशेषज्ञों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और डेटा के जिम्मेदार उपयोग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया।
अंकित मोदी, फाउंडिंग मेंबर और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर, Qure.ai ने बताया कि उनकी कंपनी मेडिकल इमेजिंग में AI आधारित समाधान विकसित कर रही है, जिससे ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी और टीबी जैसी बीमारियों के निदान में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि AI तकनीक के माध्यम से 100 से अधिक देशों में 4 करोड़ लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभाव पहुंचाया गया है। गोवा में फेफड़ों के कैंसर की जांच के दौरान AI की मदद से डायग्नोसिस का समय 50 प्रतिशत तक कम किया गया।
वहीं अभिलाष साउंडरराजन, संस्थापक और सीईओ, PrivaSapien ने जिम्मेदार AI के लिए तकनीकी ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार जिम्मेदार AI के उपयोग के लिए वैश्विक स्तर पर एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार कर रही है, जिससे संस्थान सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से AI तकनीक को अपना सकें।
समिट का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है, जहां नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं और विशेषज्ञों का स्वागत किया। यह समिट 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा, अनुरा कुमारा दिसानायके और एंटोनियो गुटेरेस सहित 20 देशों के नेता शामिल हो रहे हैं।
यह वैश्विक समिट AI के समावेशी और जिम्मेदार उपयोग की दिशा में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को दर्शाता है।






