चंडीगढ़, 16 फरवरी 2026 : चंडीगढ़ से बड़ी खबर सामने आई है, जहां पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को भ्रष्टाचार मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सोमवार को हाईकोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके चलते अब उन्हें जेल में ही रहना होगा।
इससे पहले ट्रायल कोर्ट और चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि “सेवा पानी” शब्द, जिसे सीबीआई ने कथित रिश्वत मांग से जोड़ा है, का अलग संदर्भ में अलग अर्थ हो सकता है और केवल एक शब्द के आधार पर रिश्वतखोरी का इरादा साबित नहीं किया जा सकता।
हालांकि, सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि भुल्लर जैसे वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी ठोस सबूतों के आधार पर ही की गई है। एजेंसी ने यह भी दलील दी कि मामला गैर-जमानती है और आरोपी अपने प्रभाव के कारण जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
सीबीआई के अनुसार, इस मामले में इंस्पेक्टर पवन लांबा और इंस्पेक्टर आर.एम. शर्मा महत्वपूर्ण गवाह हैं, जिनके बयान जांच के लिए अहम हैं।
गौरतलब है कि सीबीआई ने हरचरण सिंह भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 को मोहाली स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया था। उन पर 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उनके घर पर छापेमारी के दौरान करीब 75 मिलियन रुपये की नकदी, महंगी घड़ियां, शराब की बोतलें और लग्जरी कारों की चाबियां बरामद की गई थीं।
फिलहाल 59 वर्षीय भुल्लर मॉडल जेल, चंडीगढ़ में बंद हैं और मामले की आगे जांच जारी है।






