नई दिल्ली, 15 फरवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने शुक्रवार को रेल मंत्रालय की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹18,509 करोड़ आंकी गई है।
स्वीकृत परियोजनाओं में दिल्ली-अंबाला तीसरी और चौथी रेल लाइन, कसारा-मनमाड तीसरी और चौथी लाइन तथा बेल्लारी-होस्पेट तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं। इनमें से 194 किलोमीटर लंबे दिल्ली-अंबाला परियोजना पर ₹5,983 करोड़ की लागत आने का अनुमान है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह परियोजना रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे दिल्ली से सोनीपत, पानीपत, कुरुक्षेत्र होते हुए जम्मू तक सैनिकों की आवाजाही को मजबूती मिलेगी। साथ ही दिल्ली से चंडीगढ़ और आगे जम्मू के मार्ग पर यात्रियों की सुविधा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
सरकार के अनुसार, यह परियोजना अगले चार वर्षों में पूरी कर ली जाएगी और इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी। परियोजना के तहत एक बड़े पुल के साथ 28 अन्य पुलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि मार्ग में आने वाले पुराने पुलों की मरम्मत भी की जाएगी।
इन परियोजनाओं से सालाना लगभग 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है। साथ ही करीब 132 लाख मानव दिवस के बराबर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
सरकारी बयान के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करने वाली ये तीनों परियोजनाएं भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की बढ़ोतरी करेंगी।






