नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। प्रधानमंत्री के अनुसार, बजट में महंगाई पर नियंत्रण, आर्थिक सुधारों को गति देने और आत्मनिर्भर भारत को सशक्त बनाने पर विशेष फोकस किया गया है।
पीएम मोदी ने कहा कि बजट 2026 विकसित भारत की नींव को और मजबूत करेगा तथा लोकल से ग्लोबल की यात्रा को नई दिशा देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। यह बजट वर्तमान के सपनों को साकार करने वाला है और जिन सुधारों की राह पर देश आगे बढ़ रहा है, उन्हें नई रफ्तार देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को बजट से गति मिलेगी और भारत को दुनिया का डेटा सेंटर हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। बजट में सनराइज सेक्टर को मजबूती से प्राथमिकता दी गई है, जो भविष्य और वर्तमान दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखता है। रेयर अर्थ कॉरिडोर, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्सटाइल और हाई-टेक टूल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने के लिए भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे विकसित भारत की यात्रा और तेज होगी। पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके नागरिक होते हैं और इस बजट में नागरिकों पर निवेश को प्राथमिकता दी गई है। स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि यह बजट युवाओं के लिए “शक्ति बजट” है। ऑरेंज इकोनॉमी, पर्यटन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के लिए खुला आकाश मिलेगा। भारत को वैश्विक डेटा सेंटर हब बनाने के लिए टैक्स में छूट दी गई है, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं को लेकर भी बजट में खास प्रावधान किए गए हैं। देश में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं और बजट में महिला-नेतृत्व वाले समूहों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। लक्ष्य है कि हर घर तक लक्ष्मी पहुंचे। इसके साथ ही हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रावधान किया गया है, जिससे बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को नई ताकत मिलेगी।






