इस्लामाबाद/क्वेटा, 1 फरवरी 2026: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच पिछले 48 घंटों से जारी भीषण संघर्ष ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। शुक्रवार रात से शुरू हुए इन समन्वित हमलों में अब तक 70 बलूच आतंकवादी मारे जा चुके हैं, जबकि पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के 10 जवान शहीद हो गए हैं।
कई शहरों में हिंसा का तांडव
बलूचिस्तान सरकार के अनुसार आतंकवादियों ने क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हब, चमन, नसीराबाद और नुश्की जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाया। हमलावरों ने पुलिस चौकियों और फ्रंटियर कोर (FC) के कैंपों पर भारी गोलीबारी की। नसीराबाद जिले में रेलवे पटरियों पर लगाए गए बमों को सुरक्षा बलों ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं ग्वादर में आतंकवादियों द्वारा एक निर्दोष परिवार के सदस्यों की हत्या किए जाने की भी खबर है।
BLA का ‘ऑपरेशन हेरोफ फेज-2’
प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए इसे “ऑपरेशन हेरोफ फेज-2” नाम दिया है। संगठन ने दावा किया है कि उसने नुश्की में CTD मुख्यालय और एक सैन्य कैंप पर कब्जा कर लिया है। हालांकि पाकिस्तानी सरकार और सेना ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि इलाके में क्लियरिंग ऑपरेशन अभी भी जारी है और स्थिति नियंत्रण में लाई जा रही है।
बलूचिस्तान में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियां
रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में बलूचिस्तान में हिंसक घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025 के दौरान पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में करीब 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इन हमलों में BLA के साथ-साथ तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकवादी भी शामिल थे।
लगातार बढ़ती हिंसा ने एक बार फिर बलूचिस्तान की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






