जगतियाल जिले में 300 कुत्ते मारे जाने से मचा हड़कंप
हैदराबाद, 24 जनवरी 2026: तेलंगाना में आवारा कुत्तों की कथित हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में जगतियाल जिले के पेगाडापल्ली गांव में करीब 300 आवारा कुत्तों की हत्या किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस घटना के बाद राज्य में कथित तौर पर इंसानों के हाथों मारे गए आवारा कुत्तों की संख्या बढ़कर लगभग 900 हो गई है, जिससे पशु प्रेमियों और अधिकार कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
आरोप है कि यह सामूहिक हत्या ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए कुछ सरपंचों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की शह पर की गई। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 22 जनवरी को पेगाडापल्ली गांव में जहरीले इंजेक्शन देकर इन कुत्तों को मारा गया। शिकायत में गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया गया है कि आवारा पशुओं को मारने के लिए कुछ लोगों को किराए पर रखा गया था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर चौधरी किरण ने बताया कि जांच के दौरान एक दफन स्थल से 70 से 80 कुत्तों के शव बरामद किए गए हैं, जिन्हें तीन-चार दिन पहले दफनाया गया प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की जा सकती और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि जनवरी महीने में ही तेलंगाना के विभिन्न जिलों से आवारा कुत्तों की हत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, 19 जनवरी को याचारम गांव में करीब 100 कुत्तों को कथित तौर पर जहर देकर मारा गया था, जिनमें से 50 शव तत्काल मिले थे। इससे पहले हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में लगभग 300 कुत्तों की हत्या के मामले में दो महिला सरपंचों और उनके पतियों समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। वहीं, कामारेड्डी जिले में करीब 200 आवारा कुत्तों की हत्या के आरोप में पांच सरपंचों समेत छह लोगों पर मामला दर्ज किया गया था।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु अधिकार संगठन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और आवारा पशुओं के मानवीय प्रबंधन की मांग कर रहे हैं।






