सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर एवं मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह द्वारा 12.27 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली आई.टी.आई. की नई इमारत के निर्माण कार्य की शुरुआत
आधुनिक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को समय के अनुरूप सक्षम बनाया जाएगा : गुरमीत सिंह मीत हेयर
नए कोर्स शुरू होने से 450 युवाओं को प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करेगी आई.टी.आई. : सुखवीर सिंह
आई.टी.आई. आसपास के क्षेत्र के लिए कौशल विकास केंद्र के रूप में कार्य करेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी
धूरी, 20 जनवरी, 2026: संगरूर से लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर तथा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह द्वारा धूरी विधानसभा क्षेत्र के गांव बरड़वाल में 12.27 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई.टी.आई.) की नई इमारत के निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से आई.टी.आई. में चल रहे मरम्मत कार्य का भी जायजा लिया।
इस कार्यक्रम में पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम के चेयरमैन दलवीर सिंह ढिल्लों, मार्केट कमेटी धूरी के चेयरमैन राजवंत सिंह घुल्ली, पंजाब गौ सेवा आयोग के चेयरमैन अशोक कुमार लखा, फूड कमीशन के सदस्य जसवीर सिंह जस्सी सेखों, पंजाब वक्फ बोर्ड के सदस्य डॉ. अनवर खान, डायरेक्टर अनिल मित्तल, शुगरफेड के डायरेक्टर जसपाल सिंह भुल्लर तथा सतिंदर सिंह चट्ठा भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार योग्य बनाने के लिए कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि गांव बरड़वाल (धूरी) में सरकारी आई.टी.आई. की नई इमारत के निर्माण पर कुल 12.27 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तीन मंजिला इस आधुनिक इमारत का कुल कवर एरिया 35,408 वर्ग फुट होगा।
उन्होंने आगे बताया कि परियोजना के अंतर्गत इमारत निर्माण के साथ-साथ चारदीवारी, पार्किंग क्षेत्र, आंतरिक सड़कों का विकास तथा सुंदर लैंडस्केपिंग भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक आई.टी.आई. युवाओं को नई और उभरती तकनीकों से जोड़ेगी, जिनकी बाजार में व्यापक मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा स्कूलों के बुनियादी ढांचे के विकास पर भी सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह ने धूरीवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इस सरकारी आई.टी.आई. में इलेक्ट्रिशियन एवं फिटर (दो वर्षीय कोर्स), रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग टेक्नीशियन, मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, मशीनिस्ट (दो वर्षीय कोर्स) के अलावा प्लंबर, ड्राफ्ट्समैन सिविल, मल्टीमीडिया एनीमेशन एंड स्पेशल इफेक्ट्स, कॉस्मेटोलॉजी, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, सिलाई तकनीक तथा सरफेस ऑर्नामेंटेशन तकनीक (कढ़ाई) जैसे एक वर्षीय कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।
उन्होंने कहा कि इन नए कोर्सों के माध्यम से लगभग 450 युवाओं को प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नई इमारत के निर्माण से युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार शिक्षकों एवं प्रशासनिक स्टाफ की आवश्यक नियुक्तियां की जाएंगी। यह आई.टी.आई. आसपास के क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल विकास केंद्र के रूप में कार्य करेगी तथा स्थानीय रोजगार सृजन के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस संस्थान की स्थापना से क्षेत्र के युवा कुशल, आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बनेंगे तथा एक समृद्ध और प्रगतिशील पंजाब के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
इस अवसर पर पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम के चेयरमैन दलवीर सिंह ढिल्लों एवं मार्केट कमेटी धूरी के चेयरमैन राजवंत सिंह घुल्ली ने बताया कि धूरी में पहली सरकारी आई.टी.आई. केवल दो कमरों में संचालित हो रही थी, जिसे मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान द्वारा एक भव्य इमारत में परिवर्तित किया गया। पहले मरम्मत कार्य के लिए 3 करोड़ रुपये जारी किए गए और अब 12.27 करोड़ रुपये की लागत से नई इमारत का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। लगभग 15 करोड़ रुपये की कुल लागत से यह आई.टी.आई. धूरी और आसपास के बड़े क्षेत्र के विद्यार्थियों के कौशल विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर एस.डी.एम. ऋषभ बंसल, ए.आर. शर्मा, बलवंत सिंह, सोनी मंडेर, रमणदीप सिंह, रछपाल सिंह भुल्लरहेड़ी, हरजिंदर सिंह काझला, अमृतपाल सिंह घनौरी कलां, भूपिंदर सिंह, श्याम सिंगला, बलजीत कौर, अमरीक सिंह, अमरदीप सिंह धांदड़ा, लाभ सिंह, परमिंदर सिंह पुनूं, गुरिंदर कौर, बलदेव सिंह, सुखपाल सिंह पाला, अजीब सिंह, मिलख राज, वीरभान, नरेश सिंगला सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं क्षेत्रवासी उपस्थि






