न्यूयॉर्क, 17 जनवरी 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में शासन परिवर्तन (Regime Change) और संभावित सैन्य हस्तक्षेप को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी है। जब ट्रंप से वेनेजुएला में सरकार बदलने की कोशिशों के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने केवल इतना कहा : “Remember Iraq?” (इराक याद है?)। उनके इस एक वाक्य के जवाब को सीधे तौर पर सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रंप का यह बयान वर्ष 2003 के इराक युद्ध की ओर इशारा करता है, जिसे वह पहले भी अमेरिका की “सबसे बड़ी गलतियों” में से एक बता चुके हैं। उनके अनुसार, जबरन शासन परिवर्तन किसी देश में स्थिरता लाने के बजाय हिंसा, अराजकता और लंबे समय तक चलने वाले संकट को जन्म देता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला, ईरान या मध्य पूर्व के अन्य देशों में सीधे सैन्य टकराव से बचते हुए अधिक सतर्क विदेश नीति अपनाना चाहता है। ट्रंप समर्थक इसे “संतुलित विदेश नीति” करार दे रहे हैं, जिसमें अमेरिकी सैनिकों और करदाताओं के धन को अनावश्यक युद्धों से बचाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस बीच, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप और उद्योगपति एलन मस्क को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों को लेकर उत्सव मनाते देखा गया। वहीं, कुछ अपुष्ट रिपोर्ट्स में अमेरिकी विशेष बलों के कराकास (वेनेजुएला की राजधानी) में उतरने की बात भी कही जा रही है, जिसे कथित तौर पर यूरोपीय संघ (EU) का समर्थन बताया जा रहा है।
हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यदि अमेरिका वेनेजुएला जैसे देशों में हस्तक्षेप नहीं करता, तो वहां तानाशाही और मानवाधिकार उल्लंघन और बढ़ सकते हैं। आलोचकों के अनुसार, अमेरिका का पीछे हटना वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, ट्रंप का पक्ष यह दर्शाता है कि वह अमेरिका को “दुनिया का पुलिसवाला” (Global Policeman) बनाने के बजाय देश के आंतरिक हितों और प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।






