चंडीगढ़, 16 जनवरी 2026: पंजाब की निर्यात क्षमता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अन्य देशों को निर्यात बढ़ाने और उसकी तैयारी के मामले में पंजाब ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्ष 2022 में जहां राज्य 10वें स्थान पर था, वहीं अब 158.32 के कुल स्कोर के साथ देश में 7वें स्थान पर पहुंच गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब ने एक वर्ष में करीब 56 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया है। राज्य से सबसे अधिक चावल, ट्रैक्टर, सूती धागा और ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्यात होता है। अमेरिका, यूएई, बांग्लादेश, सऊदी अरब और यूनाइटेड किंगडम पंजाब के निर्यात के प्रमुख बाजार हैं।
पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, मोहाली और पटियाला राज्य के प्रमुख निर्यात केंद्र हैं। जालंधर से साइकिल, ऑटो पार्ट्स और टेक्सटाइल, मोहाली से खेल सामान और हल्का इंजीनियरिंग उत्पाद, जबकि पटियाला से इंजीनियरिंग सामान का निर्यात किया जाता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2024 के दौरान पंजाब का सबसे अधिक निर्यात अमेरिका (15.52%) को हुआ। इसके बाद यूएई (7.35%), बांग्लादेश (5.87%), सऊदी अरब (5.85%) और यूके (5.63%) का स्थान रहा, खासकर टेक्सटाइल क्षेत्र में।
हालांकि, रिपोर्ट में कुछ चुनौतियों की ओर भी इशारा किया गया है। सीमा पार तनाव, कम लागत वाले देशों जैसे वियतनाम से बढ़ती प्रतिस्पर्धा, सीमित शोध एवं नवाचार, और दूरस्थ बंदरगाहों पर निर्भरता पंजाब के निर्यात विकास में बाधा बन रही है।
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था होने के बावजूद पंजाब में उद्योग और सेवा क्षेत्र लगातार बढ़ रहे हैं। राज्य भारत के कुल गेहूं उत्पादन में 46.3% और चावल उत्पादन में 31.2% का योगदान देता है। साथ ही बासमती चावल, फार्मास्यूटिकल्स, खेल सामान और इंजीनियरिंग उत्पादों में मजबूत उपस्थिति के कारण पंजाब की निर्यात संभावनाएं और अधिक सशक्त होती जा रही हैं।
राज्य में करीब 14.65 लाख MSME इकाइयां हैं, जो पंजाब की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं और निर्यात को मजबूती प्रदान कर रही हैं।






