नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने महाभियोग प्रस्ताव से जुड़े मामले में अपने खिलाफ गठित संसदीय जांच समिति को चुनौती दी थी। कोर्ट के इस फैसले के साथ ही जस्टिस वर्मा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच का रास्ता साफ हो गया है।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस.सी. शर्मा की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि लोकसभा स्पीकर द्वारा जजेज इन्क्वायरी एक्ट, 1968 के तहत गठित जांच समिति वैध है। इससे पहले कोर्ट ने 8 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था।
गौरतलब है कि अगस्त 2025 में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय संसदीय समिति का गठन किया था। यह मामला तब सामने आया था, जब दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में आग लगने के बाद भारी मात्रा में नकदी मिलने का दावा किया गया था। कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब संसदीय जांच प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश करेगी।






