21 जनवरी से लागू होगा फैसला
वॉशिंगटन, 15 जनवरी 2026 : अमेरिका ने 75 देशों के नागरिकों के लिए इमीग्रेंट वीजा जारी करने की प्रक्रिया पर 21 जनवरी से रोक लगाने का बड़ा फैसला किया है। इस सूची में पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत भारत के छह पड़ोसी देश भी शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन के इस कदम का उद्देश्य अमेरिका आने वाले विदेशियों की संख्या को कम करना बताया जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब वह अपनी उस कानूनी शक्ति का इस्तेमाल करेगा, जिसके तहत ऐसे लोगों को वीजा देने से रोका जा सकता है जिनके बारे में आशंका हो कि वे अमेरिका आकर सरकारी सहायता या वेलफेयर योजनाओं पर निर्भर हो सकते हैं। अमेरिकी दूतावासों और कांसुलर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा पूरी होने तक इमीग्रेंट वीजा आवेदनों को खारिज किया जाए। यह रोक कितने समय तक लागू रहेगी, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टैमी पिगॉट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अमेरिका की इमीग्रेशन व्यवस्था के दुरुपयोग को खत्म करना चाहता है और उन लोगों को रोकना चाहता है जो अमेरिकी करदाताओं के पैसे का लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इन 75 देशों के लिए इमीग्रेंट वीजा प्रक्रिया तब तक निलंबित रहेगी, जब तक विदेश मंत्रालय यह समीक्षा नहीं कर लेता कि सार्वजनिक सहायता पर निर्भर होने वाले लोगों की एंट्री को कैसे रोका जाए।
हालांकि इस फैसले का असर टूरिस्ट, बिजनेस या अन्य अस्थायी वीजा पर नहीं पड़ेगा। इसमें इस साल होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप को देखने अमेरिका आने वाले लोग भी शामिल हैं। इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन ने सभी वीजा आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच करने की योजना की भी बात कही है।
जारी की गई सूची में एशिया, अफ्रीका, यूरोप, कैरिबियन और उत्तर व दक्षिण अमेरिका के कई देश शामिल हैं। इनमें अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, कंबोडिया, ईरान, इराक, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, किर्गिस्तान, लाओस, लेबनान, मंगोलिया, नेपाल, पाकिस्तान, सीरिया, थाईलैंड, उज्बेकिस्तान और यमन समेत कई अन्य देश शामिल हैं।






