पुतिन से बातचीत पर ट्रंप ने चुप्पी साधी
वॉशिंगटन डीसी 09 जनवरी 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले एक तेल टैंकर को जब्त किए जाने के बाद यह स्पष्ट करने से इनकार कर दिया कि क्या इस मुद्दे पर उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कोई बातचीत हुई है। दिए गए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बलों के पहुंचते ही रूसी नौसैनिक जहाज वहां से हट गए और टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया गया।
सीएनएन के अनुसार, यह टैंकर — पहले बेला-1 और बाद में मेरिनेरा नाम से जाना गया — कथित तौर पर ईरानी तेल की अवैध ढुलाई करने वाले “शैडो फ्लीट” का हिस्सा था और 2024 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किया गया था। हालांकि एनालिटिक्स फर्म क्लेर (Kpler) के मुताबिक, जब टैंकर को जब्त किया गया, उस समय उसमें कोई तेल मौजूद नहीं था।
इस कार्रवाई में अमेरिकी नेवी सील्स शामिल थे और ब्रिटेन ने भी अमेरिकी अनुरोध पर सहयोग किया। टैंकर को आइसलैंड के दक्षिणी तट से करीब 190 मील दूर जब्त किया गया। रूस ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और “21वीं सदी की समुद्री डकैती” करार दिया है। वहीं चीन ने भी अमेरिका की इस कार्रवाई की आलोचना की है।
व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि वह प्रतिबंधित जहाजों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां जारी रखेगा, भले ही इससे रूस और चीन के साथ तनाव बढ़े।






