अमृतसर–पुणे ट्रेन सहित कई लंबित रेल मांगें उठाईं
अमृतसर: अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर अमृतसर और पंजाब से जुड़े लंबे समय से लंबित व जनहित से संबंधित महत्वपूर्ण रेल मुद्दों को मजबूती से उठाया। सांसद औजला ने रेल मंत्री को लिखित मांग-पत्र सौंपते हुए कहा कि ये मांगें केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि लाखों यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी अपेक्षाओं से जुड़ी हुई हैं।
सांसद औजला ने रेल मंत्री के समक्ष अमृतसर–पुणे साप्ताहिक सुपरफास्ट एसी एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने की प्रमुख मांग रखी। उन्होंने कहा कि इस रूट पर बड़ी संख्या में छात्र, कारोबारी, नौकरीपेशा लोग और श्रद्धालु यात्रा करते हैं, लेकिन सीधी रेल सेवा न होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
इसके अलावा, उन्होंने कोटला गुजरां में डीएमयू ट्रेनों के स्टॉपेज को बहाल करने और वहां से अमृतसर के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग भी उठाई, जिससे ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकें।
सांसद औजला ने संगराना साहिब में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वहां ट्रेनों के स्टॉपेज दोबारा शुरू करने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि संगराना साहिब सिख श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगत पहुंचती है।
इसके साथ ही, 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर सांसद औजला ने एक ऐतिहासिक और भावनात्मक प्रस्ताव रखते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम ‘हिंद दी चादर – श्री गुरु तेग बहादुर जी’ के नाम पर रखने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इससे गुरु तेग बहादुर जी के महान बलिदान और मानवता के लिए दिए गए योगदान को स्थायी सम्मान मिलेगा। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि इन सभी मांगों के पूरा होने से न केवल रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि व्यापार, रोजगार, अर्थव्यवस्था और धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय इन जनहित के मुद्दों पर शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लेगा।






