चंडीगढ़, 19 दिसंबर 2025: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के नाम और ढांचे में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बदलावों के विरोध में पंजाब सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र के इस कदम को राज्यों और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।
मुख्यमंत्री मान ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित बदलावों से योजना का मूल उद्देश्य कमजोर होगा और इसका बड़ा आर्थिक बोझ राज्य सरकारों पर डाल दिया जाएगा, जिससे पंजाब की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने इसे संघीय ढांचे पर हमला बताते हुए कहा कि इससे राज्यों की स्वायत्तता को नुकसान पहुंचेगा।
पंजाब सरकार ने जनवरी के दूसरे सप्ताह में विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। इस सत्र में MGNREGA में प्रस्तावित बदलावों पर चर्चा की जाएगी और केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
MGNREGA पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसके तहत हजारों परिवारों को साल में 100 दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलता है। इसके अलावा गांवों में तालाबों की सफाई, पार्कों के रखरखाव और पौधारोपण जैसे विकास कार्य भी इसी योजना के तहत किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दो टूक कहा कि पंजाब सरकार किसी भी ऐसे फैसले को बर्दाश्त नहीं करेगी, जो राज्य के मजदूरों के हितों के खिलाफ हो या उसकी आर्थिक स्थिति को कमजोर करे। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर केंद्र और पंजाब सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।






