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राजिंद्रा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा तुरंत किए गए उपचार ने 37 वर्षीय युवक की जान बचाई

बिना ऑपरेशन, पिंडली (ग्रोइन) के रास्ते कैथेटर डालकर दिल की फटी मुख्य नस का सफल उपचार—डॉ. सिबिया

पटियाला, 9 दिसंबर: पटियाला के सरकारी राजिंद्रा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने नॉन-इनवेसिव वेंटिलेटर पर गंभीर स्थिति में भर्ती किए गए एक 37 वर्षीय युवक का तत्काल इलाज कर उसकी जान बचाई है और उसे दिल फेल होने से बचा लिया गया।

यह जानकारी देते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. आर.पी.एस. सिबिया ने बताया कि मरीज का तुरंत उपचार शुरू करते हुए डॉ. सौरभ शर्मा की अगुवाई में हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम ने बिना दिल खोले, कैथ लैब में ले जाकर पिंडली के रास्ते कैथेटर डालकर दिल की फटी मुख्य नस का इलाज कर मरीज का दिल बचा लिया।

डॉ. आर.पी.एस. सिबिया ने बताया कि मरीज का पूरा इलाज मुफ़्त किया गया। उन्होंने आगे कहा कि यह सुविधा केवल सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग में उपलब्ध है।

इस दौरान राजिंद्रा अस्पताल के मेडिकल सुप्रिंटेंडेंट डॉ. विशाल चोपड़ा ने बताया कि कार्डियोलॉजी विभाग वर्ष 2021 से डॉ. सौरभ शर्मा की अगुवाई में सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक 3000 से अधिक मरीजों को समय पर इलाज प्रदान कर चुका है।

कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि दिल के वालसाल्वा साइनस का फटना अपने आप में एक अत्यंत गंभीर बीमारी है और यदि ऐसी स्थिति में तुरंत उपचार न मिले, तो यह कुछ ही घंटों में मरीज की मौत का कारण बन सकती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कैथ लैब में जाकर कैथेटर के माध्यम से दिल की मुख्य नस—वालसाल्वा साइनस—को बंद किया और अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है तथा उसे छुट्टी दे दी गई है।

इस दौरान मरीज और उसके परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों का धन्यवाद किया।

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