बठिंडा, 7 दिसंबर 2025: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य व पूर्व विधायक हरदेव सिंह अर्शी के बीच हुई बातचीत ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। यह मुलाकात बठिंडा स्थित AIIMS अस्पताल परिसर में मरीजों के परिजनों के लिए बनाए गए धर्मशाला के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान हुई।
कार्यक्रम के दौरान मंच के सामने पहली पंक्ति में बैठे दोनों नेताओं को आपस में गंभीर मुद्रा में बातचीत करते देखा गया। कई बार ऐसा लगा कि दोनों किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा कर रहे हैं, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें तेज हो गईं।
सूत्रों के मुताबिक, जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के बाद शहरी बठिंडा में अकाली दल की नेतृत्व संरचना में बड़े बदलाव संभव हैं, जिनमें हलका प्रभारी बदलने की चर्चा भी शामिल है। कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात अकाली दल की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने से भी जुड़ी हो सकती है।
हालांकि, पूर्व विधायक हरदेव सिंह अर्शी ने राजनीतिक बातचीत की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह मुलाकात राजनीतिक नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल को याद करने तक सीमित रही। अर्शी ने यह भी बताया कि सुखबीर बादल ने उन्हें गांव बादल में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
गौरतलब है कि बठिंडा को बादल परिवार का गढ़ माना जाता है और यहां अकाली दल की स्थिति को मजबूत करना सुखबीर बादल की प्राथमिकता मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, आने वाले समय में बठिंडा की राजनीति में और भी अहम घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।






