चंडीगढ़: मुख्यमंत्री ने सिविल सचिवालय में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी बजट घोषणाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को घर-घर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का काम तेज करने और सख्त मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने राज्यभर में बड़े स्तर पर सोलर पार्क विकसित करने और प्रमुख सड़कों व राजमार्गों से पुराने व खराब बिजली खंभों को तुरंत हटाने के आदेश भी दिए, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा और सड़क सौंदर्य में सुधार हो सके।
हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के चेयरमैन श्यामल मिश्रा ने बताया कि 20 नवंबर 2025 तक राज्य में 42,486 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 31 मार्च 2027 तक 2,22,000 सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि ‘सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना’ नाम की नई स्कीम प्रस्तावित है, जिसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी ऊर्जा परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आर्थिक विकास की नींव है।
बैठक में बताया गया कि अगले 7 वर्षों में हरियाणा में 24,000 मेगावाट बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। यमुनानगर में 800 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल यूनिट पर बीएचईएल के सहयोग से काम शुरू हो चुका है।
बैठक में मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






