पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौजूदा स्थिति को लेकर पाकिस्तान सरकार ने रहस्यमय चुप्पी साध रखी है। इमरान खान के बेटे सुलेमान खान और कासिम खान बार-बार अपने पिता के जिंदा होने का सबूत मांग रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान सरकार आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं बोल रही है।
जेल अधिकारियों का दावा और केस
मीडिया में रावलपिंडी की अदियाला जेल के अधिकारियों के हवाले से खबरें जरूर छपी हैं कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेता स्वस्थ हैं और उनकी सेहत को लेकर चल रही अफवाहें गलत और बेबुनियाद हैं।
- इमरान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं।
- उन्हें पहले राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत नजरबंद किया गया था।
- बाद में उन्हें तोशाखाना केस और भ्रष्टाचार के दो अन्य मामलों में अदालतों ने 4 से 14 साल तक की जेल की सजा सुनाई।
- उनकी पत्नी बुशरा बीबी भी इसी जेल में कैद हैं।
आसिम मुनीर पर आरोप और वकीलों की रोक
इमरान खान के वकीलों और कुछ करीबियों से आखिरी मुलाकात 5 नवंबर को हुई थी। उस मुलाकात के दौरान, एक ‘एक्स’ (X) संदेश के माध्यम से इमरान ने आरोप लगाया था कि वह ‘आसिम’ द्वारा प्रताड़ना झेल रहे हैं। ‘आसिम’ से उनका इशारा पाकिस्तानी सेना के मौजूदा प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ओर था।
फिलहाल, न तो इमरान के वकीलों को उनसे मिलने की इजाजत दी जा रही है, और न ही इस्लामाबाद हाई कोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है। उनके छोटे बेटे कासिम खान के लंदन से मुलाकात के लिए पाकिस्तान पहुंचने के बावजूद, राष्ट्रीय और प्रांतीय सरकारें उनकी याचिका पर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय चुप्पी और घरेलू विरोध
यह एक अजीब विडंबना है कि पाकिस्तान के अंदर चल रहे इस ‘जुगगर्दी’ (अव्यवस्था) को लेकर न तो अमेरिकी राष्ट्रपति, न ही यूरोपीय संघ के नेताओं ने कुछ बोला है। फ्रांस और ब्रिटेन के राजनेताओं ने इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताकर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
इमरान की पार्टी पीटीआई विरोध-प्रदर्शन कर रही है, जिसके जवाब में सरकार ने इस्लामाबाद के प्रवेश मार्गों को बड़े कंटेनरों से सील कर दिया है और यहां तक कि खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री को भी प्रदर्शनों में शामिल होने पर राष्ट्रपति शासन लागू करने की धमकी दी है।
इमरान खान इस समय पाकिस्तान, खासकर युवाओं और महिलाओं के बीच, सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उनके साथ होने वाली कोई भी अप्रिय घटना देश में राजनीतिक और सामाजिक उबाल का कारण बन सकती है।






