श्री आनंदपुर साहिब, 23 नवंबर (जगजीत सिंह) : गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में पंजाब सरकार द्वारा श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित ‘सर्ब धर्म सम्मेलन’ में विभिन्न धर्मों के प्रमुख आचार्य और संत एक मंच पर एकत्र हुए और गुरु साहिब को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। सम्मेलन में सभी धार्मिक नेताओं ने गुरु जी के प्रेम, शांति और मानवता के संदेश को पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
धार्मिक नेताओं ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने सत्य, मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जो सर्वोच्च बलिदान दिया, वह विश्व इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर करना अत्यंत दुर्लभ उदाहरण है।
केजरीवाल ने कहा—गुरु साहिब का बलिदान मानवता की विरासत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस सिर्फ सिख इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता की विरासत है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर से धार्मिक नेता एक साथ श्री आनंदपुर साहिब पहुंचे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि गुरु साहिब की शिक्षाएं आज भी जीवंत और प्रासंगिक हैं।
केजरीवाल ने बताया कि पंजाब सरकार गुरु साहिब के चरण स्पर्श वाले 142 गांवों का विशेष विकास कर रही है और इन्हें नए स्वरूप में संवारा जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान—‘गुरु साहिबान की विरासत ने पंजाब को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत दी’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार सद्भावना, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान वाले सिद्धांतों पर अडिग रहेगी। उन्होंने कहा कि पंजाबियों को अन्याय और जुल्म के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा गुरु साहिबान की महान विरासत से मिली है।
मान ने याद दिलाया कि गुरु तेग बहादुर जी ने दिल्ली जाकर मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा हेतु अपने प्राण न्योछावर किए, जो विश्व इतिहास में बेमिसाल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि नई पीढ़ी गुरु साहिबान की शिक्षाओं से प्रेरणा ले सके।
धार्मिक आचार्यों की बड़ी मौजूदगी
सर्ब धर्म सम्मेलन में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख श्री श्री रविशंकर, दमदमी टकसाल के मुखी ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, श्रोमणी पंथ अकाली बुड्ढा दल के प्रमुख जथेदार बाबा बलबीर सिंह, डेरा ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों, कार सेवा निःस्वार्थ सेवक जथा यू. बाबा महिंदर सिंह, कार सेवा वाले बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा वाले, बाबा कश्मीर सिंह भूरी वाले, देवदत्त सरस्वती, आचार्य लोकेश मुनि (जैन मुनि), सैयद अफसर अली निज़ामी, श्रीमती जगदगुरु शंकराचार्य, देवदत्तानंद सरस्वती, महंत ज्ञानदेव सिंह (निर्मल अखाड़ा), सतिगुरू उडे सिंह (नामधारी संप्रदाय), बाबा बाल जी ऊना वाले सहित बड़ी संख्या में धार्मिक हस्तियां उपस्थित रहीं और गुरु साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित की।






