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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा पंजाब में पराली प्रबंधन के किए जा रहे प्रयासों की सराहना

राजपुरापटियाला, 6 नवंबर: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के चेयरमैन श्री राजेश वर्मा ने आज कहा है कि हरित क्रांति के बाद अब पंजाब में पराली क्रांति आ रही है। वे पटियाला जिले में पराली प्रबंधन का जायजा लेते हुए नाभा पावर लिमिटेड, ताप विद्युत उत्पादन केंद्र, राजपुरा में बायोमास पेललेट्स को कोयले में मिलाने की प्रक्रिया का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस अवसर पर उनके साथ सीएक्यूएम के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथोड़े भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

चेयरमैन आर. के. वर्मा ने कहा कि अब पराली किसानों की आमदनी का साधन बन गई है। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति के बाद किसान पराली क्रांति की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे इस बार पिछले वर्षों की तुलना में पराली जलाने की प्रवृत्ति बहुत कम हुई है। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा पराली प्रबंधन पर किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे पिछले वर्ष 13 नवंबर को पंजाब आए थे और हर जगह धुआं नजर आ रहा था, जबकि आज धूप खिली हुई है, हालांकि एक दिन पहले ही गुरुपर्व पर आतिशबाजी भी हुई है।

इस मौके पर पंजाब के विज्ञान, तकनीक और पर्यावरण विभाग के सचिव प्रियांक भारती और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रबंध सचिव अरशदीप सिंह थिंद ने चेयरमैन को बताया कि राज्य में पराली प्रबंधन का सीजन करीब 40 दिनों तक चलता है, इसलिए पराली प्रबंधन की मशीनें बाकी समय खड़ी रहती हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए पंजाब सरकार ने इन मशीनों को गेहूं की ठूंठ संभालने के लिए इस्तेमाल करने का प्रयोग किया था, जो सफल न होने के कारण अब यह मशीनें गन्ने की ठूंठ संभालने का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे मशीनरी की लागत घटेगी और पराली प्रबंधन और भी बेहतर हो पाएगा।

पटियाला के डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रीति यादव ने बताया कि पटियाला जिले में धान की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है और अगली फसल की बुवाई भी 60 प्रतिशत तक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा किसानों को जागरूक करने और पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी उपलब्ध करवाने सहित इस संबंध में किसानों और यूनियनों के व्यवहार में बदलाव के कारण पराली जलाने के मामले इस बार काफी कम हुए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल इसी दिन तक 414 मामले सामने आए थे, जबकि इस साल अब तक कुल 168 आगजनी के मामले सामने आए हैं।

डॉ. प्रीति यादव ने बताया कि किसानों को पराली प्रबंधन के लिए एक्स-सीटू की बजाय इन-सीटू प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जा रहा है क्योंकि इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति और फसल की पैदावार भी बढ़ती है।

एल एंड टी में सीएक्यूएम टीम का स्वागत करते हुए नाभा पावर लिमिटेड के अधिकारी राजेश कुमार, देवदत्त शर्मा और गगनवीर चीमा ने यार्ड में सुपरक्रिटिकल बॉयलर में बायोमास पेललेट्स को कोयले में मिलाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।

इस अवसर पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरमैन रीना गुप्ता और सदस्य सचिव डॉ. लवनीत कुमार, एसएसपी सरफराज आलम, एसपी वैभव चौधरी, एसडीएम अविकेश गुप्ता सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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