चंडीगढ़, 5 नवंबर: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार गौसंरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और गौशालाओं के विकास, गौवंश संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री श्री सैनी बुधवार को गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में गुरु दलीप सिंह महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित स्वदेशी राष्ट्रीय गौधन समिट 2025 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह समिट 10 नवंबर तक चलेगी, जिसमें देशभर से अनेक जनप्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में लगी विशाल नामधारी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ सेवा और खेती एक-दूसरे के पर्याय हैं, क्योंकि गाय भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार रही है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में जिसके पास जितनी अधिक गायें होती थीं, वह उतना ही समृद्ध माना जाता था। देसी गाय का दूध न केवल अमृत समान है, बल्कि डायबिटीज़ और हृदय रोग जैसी बीमारियों से बचाव में भी लाभकारी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान से प्रेरित होकर गौसंरक्षण और स्वदेशी अपनाने से आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश को बेसहारा गौवंश से मुक्त करने के लिए पानीपत और हिसार में दो गौ अभ्यारण्य स्थापित किए गए हैं, जिनमें शेड, पानी और चारे की पूरी व्यवस्था की गई है। हरियाणा में वर्तमान में 686 गौशालाओं में लगभग 4 लाख गौवंश का पालन किया जा रहा है, जिनमें से 330 गौशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाए जा चुके हैं। गौसेवा आयोग का बजट भी बढ़ाकर 595 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
श्री सैनी ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें बाबा नानक जी के तीन मूल मंत्र :”मेहनत से कीरत करना, वंड छकना और नाम जपना” को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्ष सुश्री जीवन कौर, गुरमीत कौर, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, हरियाणा गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण गर्ग सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






