पटियाला, 5 नवंबर (छतरपाल सिंह) — शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा ने पंजाब विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने संबंधी केंद्र सरकार के प्रस्ताव की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पंजाब के अधिकारों और उसकी पहचान पर सीधा हमला है।
चंदूमाजरा ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि यह पंजाब की संस्कृतिक विरासत और अस्मिता का प्रतीक है। केंद्र सरकार द्वारा इसकी संवैधानिक स्थिति में बदलाव की कोशिश भाजपा के पंजाब विरोधी रुख को दर्शाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पहले कृषि कानूनों, फिर पानी के मुद्दे, और अब शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से पंजाब के साथ भेदभाव कर रही है।
चंदूमाजरा ने चेतावनी दी कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पंजाब के लोग व्यापक विरोध आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह पंजाब की भावनाओं का सम्मान करे और पंजाब विश्वविद्यालय की मौजूदा संरचना में कोई छेड़छाड़ न करे।






