पटियाला, 1 नवंबर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान प्रोफेसर किरपाल सिंह बडूंगर ने 1 नवंबर को मनाए जाने वाले पंजाब दिवस के संबंध में कहा कि 1 नवंबर 1966 को तत्कालीन कांग्रसी सरकार ने पंजाब, पंजाबी और पंजाब विरोधी नीतियों के तहत पंजाब की बेवजह और गैरकुदरती वढ़ करके पंजाब के तीन हिस्से कर दिए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब के तीन हिस्से किए जाने पर पंजाब की राजधानी (चंडीगढ़), पंजाब हाईकोर्ट, पंजाबी बोलने वाले इलाके और बीबीएमबी का हक छीन लिया गया था, जो कि पंजाब के लिए एक बड़ा आघात और घोर अन्याय था।
उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि कांग्रस पार्टी द्वारा पंजाब के साथ किए गए इस जुल्म और घोर अत्याचार को दूर कर पंजाब के खोए हुए अधिकारों को बहाल किया जाए।






