जयपुर, 5 सितंबर (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो) : मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता का दिन है, जो समाज का भविष्य गढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक जीवन के शिल्पकार तथा राष्ट्र निर्माता हैं। राज्य सरकार शिक्षकों के साथ है, इसलिए शिक्षा क्षेत्र में अनेक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों के कल्याण, सम्मान, बेहतर कार्यदशाओं एवं विद्यार्थियों के उत्कृष्ट भविष्य निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री शर्मा शुक्रवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है यह हमारी नीति है। महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ जीवन को समझना और उसमें मूल्यों का समावेश करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य और समाज का निर्माण करने वाली शक्ति है तथा इसका उद्देश्य व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का मानना था कि एक अच्छी पुस्तक हजार दोस्तों के बराबर होती है लेकिन एक अच्छा दोस्त एक लाइब्रेरी के बराबर होता है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है एक अच्छा शिक्षक हजार लाइब्रेरी के बराबर है। शिक्षक केवल ज्ञान के भंडार नहीं हैं बल्कि स्वप्न जगाने वाले हैं। शिक्षकों के प्रेरणादायक शब्दों से निराश विद्यार्थी में आशा की किरण से विश्वास जगता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। शिक्षा विभाग में 20 हजार से अधिक नियुक्तियां दी हैं और 18 हजार से अधिक शिक्षकों के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। साथ ही, 33 हजार 217 कार्मिकों को पदोन्नत भी किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने राज्य के 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए हैं। 88 हजार 800 मेधावी विद्यार्थियों को इंटरनेट कनेक्शन सहित निःशुल्क टैबलेट वितरित किए गए हैं। ई-पाठशाला व्हाट्सऐप चैनल के माध्यम से विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की ऑनलाइन लाइव क्लास भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए नवाचारों के लिए शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने शिविरा पत्रिका (शिक्षक दिवस विशेषांक) तथा शिक्षक सम्मान पुस्तिका का विमोचन किया एवं मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत प्रखर राजस्थान 2.0 अभियान (रीड टू लीड) का पोस्टर विमोचन कर शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यक्रम में राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की ऑन डिमांड परीक्षा नवाचार का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरूआत में पीपलोदी हादसे में दिवंगत बच्चों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर शासन सचिव स्कूल शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल, राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त स्कूल शिक्षा श्रीमती अनुपमा जोरवाल, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा श्री सीताराम जाट, आयुक्त मिड डे मील श्री विश्वमोहन शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।






