चंडीगढ़, 20 मार्च 2026: भगवंत मान ने आज एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पंजाब सरकार राजस्थान से बकाया 1.44 लाख करोड़ रुपये की रॉयल्टी वसूलने के लिए अदालत का रुख करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि लंबे समय से लंबित है और राज्य के हितों की रक्षा के लिए अब कानूनी कदम उठाना जरूरी हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के जल संसाधनों और उनसे जुड़े अधिकारों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान द्वारा वर्षों से पानी का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन इसके बदले देय रॉयल्टी का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने इसे पंजाब के साथ “आर्थिक अन्याय” करार दिया।
भगवंत मान ने कहा, “हमारी सरकार राज्य के हक के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है। अब समय आ गया है कि पंजाब के लोगों को उनका अधिकार दिलाया जाए। इसी उद्देश्य से हम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।”
उन्होंने आगे बताया कि इस मुद्दे पर कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है और जल्द ही मामला अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मामले को उच्चतम न्यायालय तक भी ले जाया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मान ने कहा कि यह केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि पंजाब के संसाधनों और अधिकारों से जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी कीमत पर पंजाब के हितों से समझौता नहीं करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में अंतर-राज्यीय विवाद का बड़ा रूप ले सकता है। वहीं, विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार के कदम का समर्थन करते हुए कहा है कि पंजाब के हकों की रक्षा के लिए सभी दलों को एकजुट होना चाहिए।
इस घटनाक्रम से आने वाले दिनों में पंजाब और राजस्थान के बीच कानूनी और राजनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है।






