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पंजाबी साहित्य सभा पटियाला द्वारा बुजुर्ग लेखक एडवोकेट दलीप सिंह वासन के घर जाकर सम्मान

पंजाब सरकार उनकी अप्रकाशित आत्मकथा प्रकाशित करे: डॉ. दर्शन सिंह आश्ट

पटियाला, 19 मार्च, 2026: आज पंजाबी साहित्य सभा (पंजी.) पटियाला की कार्यकारिणी द्वारा पंजाबी के प्रसिद्ध लेखक एडवोकेट दलीप सिंह वासन (90) के निवास स्थान पर जाकर उन्हें सम्मानित किया गया।

उन्हें सम्मानित करते हुए सभा के अध्यक्ष डॉ. दर्शन सिंह आश्ट ने कहा कि एडवोकेट दलीप सिंह वासन ने आधी सदी से भी अधिक समय तक पंजाबी मातृभाषा की निस्वार्थ सेवा करते हुए इसके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जहाँ उन्होंने पंजाबी उपन्यास लेखन और गद्य (वार्तक) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचना की, वहीं बच्चों को भी सामाजिक विषयों के बारे में सरल भाषा में साहित्य उपलब्ध कराया। उन्होंने साहित्य से संबंधित लगभग एक दर्जन पुस्तकों के अलावा भारतीय कानून से संबंधित कई अन्य महत्वपूर्ण पुस्तकों का पंजाबी भाषा में अनुवाद किया है। इसके अतिरिक्त, उनकी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें अप्रकाशित रूप में पड़ी हैं, जिन्हें अब वे निजी तौर पर छपवाने में असमर्थ हैं।

डॉ. ‘आश्ट’ ने पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत मान से अपील की कि वे पंजाबी भाषा, साहित्य, प्रशासन और कानून-प्रणाली का व्यापक अनुभव रखने वाले तथा गाँव डोडा तहसील एबटाबाद जिला हजारा (अब पाकिस्तान) में जन्मे 90 वर्षीय एडवोकेट वासन की अप्रकाशित आत्मकथा को ज़रूर प्रकाशित करवाएं, ताकि नई पीढ़ी उनके अनुभव और संघर्ष से प्रेरणा लेकर विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर सके। डॉ. ‘आश्ट’ ने यह भी कहा कि सभा भविष्य में उन सभी बुजुर्ग साहित्यकारों के घर जाकर उन्हें सम्मानित करने की परंपरा जारी रखेगी, जो शारीरिक रूप से घर से बाहर आयोजनों आदि में शामिल नहीं हो सकते।

इस अवसर पर सभा के महासचिव देविंदर पटियालवी, वित्त सचिव बलबीर सिंह दिलदार और प्रेस सचिव नवदीप सिंह मुंडी के अलावा सुरजीत कौर और कमलदीप कौर विशेष रूप से उपस्थित थे, जिन्होंने विभिन्न पहलुओं से एडवोकेट दलीप सिंह वासन के जीवन अनुभव और साहित्यिक रचनाओं के बारे में विस्तार से संवाद किया।

अपनी रचना प्रक्रिया के बारे में चर्चा करते हुए एडवोकेट वासन ने कहा कि भले ही वे शारीरिक रूप से पहले की तरह सक्रिय नहीं रहे, लेकिन मानसिक तौर पर अभी भी निरंतर साहित्य साधना से जुड़े हुए हैं और बड़ी संख्या में उनके पाठक सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे जुड़े हैं। उनकी साहित्यिक रचना का बुनियादी मकसद बोली और साहित्य के जरिए एक सुखद और खुशहाल मानवीय समाज का निर्माण करना है। अंत में देविंदर पटियालवी ने इस संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली मुलाकात में शामिल व्यक्तियों का धन्यवाद किया।

 

फोटो कैप्शन: एडवोकेट दलीप सिंह वासन को सम्मानित करते हुए सभा के अध्यक्ष डॉ. दर्शन सिंह आश्ट। उनके साथ खड़े हैं देविंदर पटियालवी, बलबीर सिंह दिलदार, नवदीप सिंह मुंडी और कमलदीप कौर।

देविंदर पटियालवी

महासचिव

 

 

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